“एआई क्रांति से बदलेगा पंजाब का कृषि भविष्य: मान सरकार की बड़ी पहल”

“एआई क्रांति से बदलेगा पंजाब का कृषि भविष्य: मान सरकार की बड़ी पहल”

लुधियाना , 21 मार्च 2026 । पंजाब में खेती-किसानी को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए भगवंत मान सरकार ‘एआई क्रांति’ (Artificial Intelligence Revolution) की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार का दावा है कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के कृषि भविष्य को भी सुरक्षित बनाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि पारंपरिक खेती अपनी सीमाओं तक पहुंच चुकी है और इससे अब किसानों की आय को बनाए रखना संभव नहीं है। खेती में तकनीकी हस्तक्षेप के पक्ष में मजबूत दलील देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य घटते मुनाफे को बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करना और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

इस योजना के तहत खेतों में आधुनिक तकनीक और डेटा आधारित फैसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। एआई के जरिए फसल की स्थिति, मौसम का पूर्वानुमान, कीट नियंत्रण और मिट्टी की गुणवत्ता का विश्लेषण कर किसानों को सटीक जानकारी दी जाएगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी संभव होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से किसानों को यह पता चल सकेगा कि किस समय कौन-सी फसल बोनी है, कितनी सिंचाई करनी है और कौन-से उर्वरक का उपयोग करना है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित होगा।

पंजाब सरकार का फोकस किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उन्हें नई तकनीकों के प्रति प्रशिक्षित करने पर भी है। इसके लिए कृषि विशेषज्ञों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, ताकि गांव-गांव तक इस पहल का लाभ पहुंच सके।

इस ‘एआई क्रांति’ का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे जल संरक्षण और टिकाऊ खेती (Sustainable Agriculture) को बढ़ावा मिलेगा। स्मार्ट सिंचाई और संसाधन प्रबंधन के जरिए पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, यह पहल पंजाब के कृषि क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जहां पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर किसानों की आय और राज्य की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।