“कोलकाता में कानून महाविद्यालय में गैंगरेप मामले में तीनों आरोपियों के DNA सैंपल लिए गए”

“कोलकाता में कानून महाविद्यालय में गैंगरेप मामले में तीनों आरोपियों के DNA सैंपल लिए गए”

कोलकाता । 01 जुलाई 25। कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप के मामले में सोमवार को तीनों आरोपियों के DNA सैंपल लिए गए। कॉलेज के पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा, छात्र प्रतीम मुखर्जी और जैद अहमद को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी बॉडी के फ्लूइड, पेशाब और बालों के नमूने लिए गए। यह प्रक्रिया करीब आठ घंटे तक चली।

वहीं, पुलिस को संदेह है कि पहले से योजना बनाकर विक्टिम के साथ इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'यह पूरी घटना पहले से तय थी। तीनों आरोपियों ने कई दिन पहले से पीड़िता को टारगेट किया था। मिश्रा ने पीड़िता को कॉलेज में दाखिला लेने के पहले दिन से ही निशाने पर लिया था।'

साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 25 जून को गैंगरेप एक छात्रा से गैंगरेप हुआ था। मुख्य आरोपी यहीं का पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा (31) है। इसमें दो वर्तमान छात्र जैब अहमद (19), प्रमित मुखर्जी (20) और एक गार्ड पिनाकी (55) भी शामिल हैं। जांच के लिए 9 मेंबर्स की SIT बनाई गई है।

पुलिस ने सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा

पुलिस ने कॉलेज के यूनियन रूम, गार्ड रूम और बाथरूम से जब्त किए गए सबूतों को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इसके साथ ही वारदात का 1.5 मिनट का एक वीडियो भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जो मुख्य आरोपी मिश्रा के मोबाइल फोन से बरामद हुआ था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह वीडियो किसी और को भेजा गया या नहीं।

जांच में यह भी सामने आया है कि मिश्रा, मुखर्जी और अहमद पहले भी कॉलेज की अन्य छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न कर चुके हैं और उन घटनाओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। इस मामले की जांच कर रही 9 सदस्यीय SIT ने करीब 25 लोगों की एक सूची बनाई है जो 25 जून की शाम को कॉलेज में मौजूद थे। इन सभी से पूछताछ की जाएगी।

गैंगरेप की CBI जांच कराने के लिए याचिका दायर

कोलकाता गैंगरेप की CBI जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में सोमवार को जनहित याचिका दायर हुई। इसमें CBI को मामले की प्राइमरी जांच करके कोर्ट में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य आरोपी के राज्य की सत्ताधारी पार्टी TMC से जुड़े होने के चलते यह मांग की गई है। याचिका में पीड़ित को मुआवजा देने और सरकारी एजुकेशन इंस्टीट्यूट में लड़कियों की सुरक्षा के लिए सिविल वॉलेंटियर तैनात करने की भी मांग की गई है।

इससे पहले दायर कुछ अन्य याचिकाओं में कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच कराने की मांग की गई है। इस हफ्ते के आखिर में इन याचिकाओं पर सुनवाई हो सकती है।