“मार्च 2026 तक इंडियन एयरफोर्स को मिलेंगे 6 ‘तेजस’ जेट्स — देरी के बाद HAL ने दी पुष्टि”

“मार्च 2026 तक इंडियन एयरफोर्स को मिलेंगे 6 ‘तेजस’ जेट्स — देरी के बाद HAL ने दी पुष्टि”

नई दिल्ली,। 25 जून 25 । हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन डी के सुनील ने कहा है कि भारतीय वायुसेना को मार्च 2026 तक 6 तेजस जेट एलसीए मार्क-1A मिल जाएंगे। अमेरिकी डिफेंस कंपनी जीई एयरोस्पेस जेट के इंजन F404 की समय पर सप्लाई नहीं कर सकी, इसके चलते देरी हुई है।

सुनील ने कहा- जीई एयरोस्पेस को 2023 में इंजन देने थे, लेकिन इंजन प्रोडक्शन में देरी, कोविड और कई सीनियर इंजीनियरों के कंपनी छोड़ने के कारण प्रोडक्शन में दिक्कतें आई। अब तक केवल एक इंजन मिला है। जबकि हमारे पास 6 जेट बनकर तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि इस साल (फाइनेंशिल ईयर) में 12 इंजन की सप्लाई की उम्मीद है। इससे भारतीय वायुसेना को जेट की डिलीवरी में आसानी होगी। हर कंपनी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। हमारे साथ एलसीए मार्क-1A के मामले में ऐसा हुआ।

दरअसल, इस साल जनवरी में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के चीफ एपी सिंह ने तेजस लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि 2009-2010 में ऑर्डर किए गए 40 तेजस विमानों की पहली खेप अभी तक नहीं मिली है।

HAL को 2028 तक 83 एयरक्राफ्ट की डिलीवरी करना है भारतीय वायुसेना ने 83 तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ 36,468 करोड़ रुपए का सौदा किया है। इसके अलावा पिछले साल नवंबर में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने वायुसेना के लिए 97 और तेजस जेट खरीदने की मंजूरी दी थी।

ये लड़ाकू विमान अमेरिका में बने जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के F404 इंजन से चलेंगे। कंपनी के पास 2024 से 2028 के बीच 83 एयरक्राफ्ट की डिलीवरी करने का समय है।

भारतीय वायुसेना तेजस के LCA वैरिएंट से अपनी मौजूदा MiG सीरीज के विमानों को बदलने की तैयारी में है। LCA मार्क-1ए विमान MiG-21, MiG-23 और MiG-27 को रिप्लेस करेगा। LCA मार्क-1ए के 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।

LCA मार्क-1ए को एयरोस्पेस में भारत की आत्मनिर्भरता और मेक-इन-इंडिया की तरफ बड़ा कदम है। स्वदेशी तेजस मार्क-1ए को पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है।