“कोलकाता गैंगरेप केस: तीनों अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी 8 जुलाई तक बढ़ी”

“कोलकाता गैंगरेप केस: तीनों अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी 8 जुलाई तक बढ़ी”

कोलकाता । 2 जुलाई 25 । कोलकाता के लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट से गैंगरेप के मामले में तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी को 26 जून को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने पहले उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था।

वहीं, शनिवार को गिरफ्तार किए गए कॉलेज के सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी की हिरासत भी बढ़ाकर 4 जुलाई तक कर दी गई है।

इस बीच, साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मनोजीत मिश्रा की नौकरी खत्म कर दी और दोनों छात्र आरोपियों को कॉलेज से सस्पेंड कर दिया है।

इसके अलावा, कॉलेज प्रशासन ने बार काउंसिल से मिश्रा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है क्योंकि वह एक प्रैक्टिसिंग एडवोकेट है।

स्टाफ की कमी के चलते मनोजीत की हायरिंग हुई थी

लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल नयना चटर्जी ने बताया था कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को कुछ महीने पहले ही अस्थायी फैकल्टी मेंबर के तौर पर नियुक्ति किया गया था। परमानेंट स्टाफ की कमी की वजह से हायरिंग की गई थी।

चटर्जी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन को मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली। पीड़ित छात्रा या किसी अन्य ने घटना के बारे में कोई शिकायत कॉलेज प्रशासन से नहीं की।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के एक दिन बाद कैंपस में प्रवेश करने की अनुमति मांगी थी। इस बारे में सिक्योरिटी गार्ड को भी न बताने को कहा गया था। पुलिस ने ग्राउंड फ्लोर के दो कमरे सील कर दिए हैं। वाइस प्रिंसिपल ने गार्ड के ठीक से ड्यूटी न करने की बात भी मानी है।

मुख्य आरोपी मनोजीत के शरीर पर नाखूनों के निशान

पुलिस जांच में पता चला है कि मनोजीत के शरीर पर नाखूनों के निशान हैं, जिससे पता चलता है कि पीड़िता ने खुद को बचाने की कोशिश की थी।

जांच के तहत पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले। इसमें पाया गया कि मनोजीत ने घटना के अगले दिन सुबह कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नयना चटर्जी को फोन किया था। इसके बाद पुलिस ने वाइस प्रिंसिपल से दो बार पूछताछ की है।

पुलिस ने मेडिकल स्टोर से CCTV फुटेज बरामद किया

पुलिस ने उस मेडिकल स्टोर की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की है, जहां से आरोपी जैब अहमद ने विक्टिम के लिए इनहेलर खरीदा था।

विक्टिम ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसने आरोपियों से अस्पताल ले चलने की गुहार लगाई थी, लेकिन जब वे नहीं माने, तो उसने इनहेलर लाने की बात कही। इसके बाद जैब ने इनहेलर मंगवाया, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ रेप करना जारी रखा।

पुलिस ने बताया कि घटना स्थल से जुटाए गए डिजिटल सबूत, मेडिकल जांच की रिपोर्ट और बाकी सबूत भी विक्टिम की कहानी से मेल खाते हैं।

पुलिस ने बताया- आरोपियों ने पहले से तय करके वारदात को अंजाम दिया

कोलकाता गैंगरेप केस के तीनों आरोपियों के सैंपल लिए जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में 30 जून को मनोजीत मिश्रा, प्रमित मुखर्जी और जैद अहमद के फ्लूइड, यूरिन और बालों के नमूने लिए गए। यह प्रक्रिया करीब आठ घंटे तक चली।

पुलिस ने जांच पर कहा, 'तीनों आरोपियों ने कई दिन से पीड़िता को ट्रैक कर रहे थे। मिश्रा ने पीड़िता को कॉलेज में दाखिला लेने के पहले दिन से ही निशाने पर लिया था। प्लानिंग के बाद वारदात की गई।'

पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि अगर पीड़ित लड़की की पहचान उजागर की तो एक्शन लिया जएगा। उधर, लॉ कॉलेज ने गैंगरेप के मुख्य आरोपी और दो अन्य आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। अलीपुर कोर्ट ने तीनों की पुलिस हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी है।

साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 25 जून को गैंगरेप एक छात्रा से गैंगरेप हुआ था। मुख्य आरोपी यहीं का पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा है। इसमें दो स्टूडेंट जैब अहमद, प्रमित मुखर्जी और एक गार्ड पिनाकी भी शामिल हैं। जांच के लिए 9 मेंबर्स की SIT बनाई गई है।