“शिवकाशी की पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका — कम से कम 4–6 की मौत, कई घायल”

“शिवकाशी की पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका — कम से कम 4–6 की मौत, कई घायल”

तमिलनाडु । 01 जुलाई 25। तमिलनाडु के शिवकाशी में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ लोग और फंसे हो सकते हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायलों को इलाज के लिए विरुधुनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विरुधुनगर जिले के एसपी कन्नन ने बताया कि शिवकाशी के पास चिन्नाकामनपट्टी गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ। हादसे के बाद फैक्ट्री से लगातार धुएं का गुबार उठता दिखा और अंदर पटाखों के फटने की आवाजें आती रहीं। घटना की जांच की जा रही है।

भारत के 75% पटाखों का प्रोडक्शन शिवाकाशी में होता है

शिवाकाशी तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित है, यह भारत का सबसे बड़ा पटाखा प्रोडक्शन हब है। यहां देश के कुल पटाखा उत्पादन का करीब 75% हिस्सा तैयार होता है।

2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, शिवाकाशी और इसके आसपास करीब 1,070 से 1,150 रजिस्टर्ड पटाखा फैक्ट्रियां काम कर रही हैं। इन फैक्ट्रियों में लगभग 3 से 4 लाख लोग सीधे काम करते हैं, जबकि 5 लाख से ज्यादा लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग से जुड़े हैं। यानी कुल मिलाकर 8 लाख लोगों को रोजगार मिलता है।

2024 की दीपावली पर ₹6,000 करोड़ के पटाखे बिके

2024 की दीपावली पर शिवाकाशी की फैक्ट्रियों ने करीब ₹6,000 करोड़ के पटाखे बेचे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ रसायनों जैसे बेरियम नाइट्रेट और जुड़े पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के कारण उत्पादन में 30% से 40% तक की गिरावट देखी गई। साथ ही, भारी बारिश और सख्त नियमों के चलते उत्पादन केवल सामान्य का 75% ही हो पाया।

शिवाकाशी में 1920 से बन रहे पटाखे

शिवाकाशी का गर्म और सूखा मौसम इस उद्योग के लिए बहुत अनुकूल है, इसी वजह से 1920 के दशक से यहां पटाखा उद्योग मौजूद है। अय्या नाडार और शन्मुगा नाडार जैसे उद्योगपतियों ने इसकी नींव रखी थी, जिस वजह से शिवकाशी को आज “लिटिल जापान” भी कहा जाता है।