ऑडिशन के नाम पर 20 लोगों को बनाया गया बंधक: फिल्मी सपना दिखाकर रचा गया मानव तस्करी का जाल
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 25 । दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज़ मामले का खुलासा किया है, जहाँ ऑडिशन के नाम पर 20 युवाओं को बंधक बनाकर एक फर्जी प्रोडक्शन कंपनी ने उनके साथ ठगी और शारीरिक उत्पीड़न किया। यह मामला न सिर्फ़ मनोरंजन उद्योग की अंधेरी सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि बेरोज़गारी और झूठे सपनों के शिकार युवाओं के दर्द को भी सामने लाता है।
सूत्रों के मुताबिक़, आरोपी गिरोह ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के ज़रिए “बॉलीवुड मूवी में काम का मौका” बताकर कई युवाओं से संपर्क किया। उन्हें मुंबई और दिल्ली के बीच स्थित एक फर्जी “ट्रेनिंग कैंप” में बुलाया गया, जहाँ उनसे रजिस्ट्रेशन और कॉस्ट्यूम फीस के नाम पर हजारों रुपये वसूले गए। कुछ युवाओं ने जब सच जानने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाया गया और बाहर जाने से रोका गया।
फिल्म इंडस्ट्री के हब मुंबई के पवई इलाके के RA स्टूडियो में ऑडिशन के नाम पर 19 लोगों को बंधक बना लिया गया। मुंबई पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए बंधक बनाने वाले यूट्यूबर को एनकाउंटर में मार गिराया। हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) के प्रेसिडेंट ने मुंबई में ऑडिशन करवाने वाले सभी स्टूडियो पर नकेल कसने की अपील करते हुए इस मामले पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।
AICWA के प्रेसिडेंट ने सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस को एक नोटिस जारी सख्त एक्शन की मांग की। इसकी जानकारी एसोसिएशन के आधिकारिक X अकाउंट से दी गई।
पोस्ट में लिखा गया है, 'मुंबई के पवई इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के नाम पर आर.ए. स्टूडियो में फर्जी ऑडिशन आयोजित किया जा रहा था। ऑडिशन देने पहुंचे करीब 20 उभरते कलाकारों का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था, जिन्हें मुंबई पुलिस ने त्वरित और सराहनीय कार्रवाई करते हुए बचा लिया।'
एसोसिएशन ने इन मुद्दों पर जांच किए जाने की मांग की है-
- किस आधार पर आर.ए. स्टूडियो को ऐसे ऑडिशन आयोजित करने की अनुमति दी गई?
- आयोजकों ने उभरते कलाकारों का डेटा कहां से प्राप्त किया?
- ये ऑडिशन आयोजित करने वाले लोग कौन थे और उनका पृष्ठभूमि क्या है?
एसोसिएशन का कहना है कि मुंबई में सैकड़ों स्टूडियो प्रतिदिन ऑडिशन आयोजित करते हैं, जिनमें पूरे भारत से हजारों नए कलाकार फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के सपने लेकर आते हैं। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुंदर श्यामलाल गुप्ता ने कहा, 'अगर मुंबई में इतनी आसानी से ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, तो इसका मतलब है कि हर उभरते कलाकार की जिंदगी खतरे में है।'
इस घटना ने मनोरंजन जगत में खलबली मचा दी है। कई कलाकारों और संगठनों ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी ऑडिशन या ऑफर से पहले उसके वास्तविकता और सत्यापन की पुष्टि करें।
यह मामला इस बात की गंभीर याद दिलाता है कि आज के डिजिटल युग में झूठे वादों और फर्जी ऑडिशनों के ज़रिए ठगी और शोषण का खतरा बढ़ गया है। सपनों का शहर कहे जाने वाले मुंबई और दिल्ली के बीच अब ऐसे “फर्जी सपनों के दलाल” नई पीढ़ी की भावनाओं से खेल रहे हैं।


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