हैदराबाद में गौ रक्षक पर हमला – कानून व्यवस्था पर सवाल, जांच में जुटी पुलिस
हैदराबाद , 23 अक्टूबर 2025 । हैदराबाद में गौ-रक्षा से जुड़ा एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने शहर की कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, एक सक्रिय गौ रक्षक पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हैदराबाद के घाटकेसर में बुधवार को गो तस्करों ने एक गौ रक्षक को गोली मार दी। घायल व्यक्ति का नाम प्रशांत उर्फ सोनू है। उसके परिवार ने बताया कि वो 5-6 सालों से गौ रक्षा का काम कर रहा है।
तेलंगाना बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि सोनू पर हमला गायों के तस्करी को रोकने की कोशिश के दौरान हुआ। बीजेपी नेता माधवी लता ने AIMIM पर हमले का आरोप लगाया है और फौरन कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों ने सोनू को गाय की तस्करी होने की झूठी खबर देकर बुधवार शाम 5ः30 बजे पोचराम के IT कॉरिडोर बुलाया पर वहां पहुंचे ही उस पर फायरिंग कर दी गई।
पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। सोनू के लिवर में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बीजेपी सांसद ईटाला राजेंद्र ने बताया कि गोली मारने वाले की पहचान इब्राहिम के रूप में हुई है।बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि यह हमला AIMIM के गुंडों ने बीजेपी और RSS कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया।
सोनू की मां बोली- गोरक्षा में 10 बेटे और कुर्बान
सोनू की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरा बेटा जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। मैं गोरक्षा के लिए 10 और बेटे कुर्बान कर दूंगी। सरकार अपराधी को गिरफ्तार करे। सोनू की मां ने कहा कि वह अपने बेटे के लिए न्याय चाहती है।
भाजपा नेताओं का AIMIM पर आरोप
बीजेपी नेता माधवी लता ने कहा कि आरोपी AIMIM से जुड़ा है और पुलिस दोषियों को बचा रही है। उन्होंने कहा, 'AIMIM से जुड़े एक व्यक्ति ने सोनू पर गोली चलाई। अगर पुलिस अपराधी को गिरफ्तार नहीं करती, तो इसका मतलब है कि वह उनकी मदद कर रही है। मैं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चुनौती देती हूं कि वह सोनू को न्याय दिलाएं।'
राज्य सरकार ने घायल गौ रक्षक के उपचार का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि गौ-रक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संवाद, कानून और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है, ताकि समाज में शांति और न्याय का संतुलन कायम रह सके।


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