इजराइल ने ट्रैफिक कैमरे हैक कर खामेनेई पर हमला किया? दावे से मचा हड़कंप
तेल अवीव/तेहरान, 03 मार्च 2026 । सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि Israel ने ट्रैफिक कैमरों को हैक कर ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 30 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे।
इजराइल ने कई सालों से इस हमले की तैयारी की थी। उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनिट 8200 ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिण इजराइल के सर्वरों पर भेजी जाती थीं।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस ऑपरेशन में मदद की। इसमें एक खास कैमरा था, क्योंकि उससे पता चलता था कि सीनियर अधिकारियों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं।
इजराइल ने ईरान की फोन टावरों को हैक किया था
इन कैमरों से इजराइल को अफसरों के बारे में बहुत जानकारी मिली, जैसे उनका घर कहां है, वे कब ड्यूटी पर आते हैं, कौन सा रास्ता लेते हैं, और सबसे जरूरी बात वे किस नेता की सुरक्षा करते हैं या किसे ले जाते हैं। इसे इंटेलिजेंस में 'पैटर्न ऑफ लाइफ' कहते हैं। यह जानकारी इजराइल को खामेनेई की हत्या के लिए बहुत काम आई। यह एकमात्र तरीका नहीं था। इजराइल और CIA ने कई तरह की खुफिया जानकारी जुटाई थी। इजराइल ने पास्चर स्ट्रीट के आसपास के मोबाइल फोन टावरों को भी हैक किया, ताकि हमले के समय फोन व्यस्त दिखें और सुरक्षा टीम को कोई चेतावनी न मिले।
ऐसे संवेदनशील मामलों में अक्सर भ्रामक सूचनाएं भी तेजी से फैलती हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि जरूरी मानी जाती है।
इजराइल द्वारा ट्रैफिक कैमरे हैक कर खामेनेई पर हमला किए जाने का दावा फिलहाल अपुष्ट है। क्षेत्रीय तनाव के बीच ऐसी खबरें स्थिति को और संवेदनशील बना सकती हैं। आने वाले समय में आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही तस्वीर साफ होगी।


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