इबोला अलर्ट: भारत के एयरपोर्ट्स पर बढ़ाई गई निगरानी, DGCA की नई गाइडलाइंस लागू
नई दिल्ली, 26 मई 2026 । घातक वायरल बीमारी इबोला के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। देश के विमानन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट अधिकारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध यात्री की तुरंत पहचान कर संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
DGCA द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत अब प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जाएगी। इन दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध मामला सामने आता है, तो एयरलाइंस को विमान के भीतर ही उनके लिए अलग बैठने की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह नियम मुख्य रूप से कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों पर लागू होंगे।
नई गाइडलाइंस के अनुसार, यदि किसी यात्री में इबोला जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे विमान में अन्य यात्रियों से अलग बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। क्रू मेंबर्स को भी विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। एयरलाइंस को कहा गया है कि वे संदिग्ध यात्रियों की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों और एयरपोर्ट मेडिकल टीम को दें।
सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, खासकर अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी को और सख्त किया गया है। एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग, मेडिकल जांच और आइसोलेशन प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला एक बेहद गंभीर और तेजी से फैलने वाला वायरस है, जिसमें तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त और आंतरिक रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि भारत में फिलहाल किसी बड़े प्रकोप की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
एयरपोर्ट अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मामलों के संपर्क में आने वाले यात्रियों और स्टाफ की जानकारी सुरक्षित रखी जाए ताकि जरूरत पड़ने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेजी से की जा सके। इस बीच यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह के लक्षण छिपाने की कोशिश न करें।


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