1912 हेल्पलाइन को लेकर विज सख्त: अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

1912 हेल्पलाइन को लेकर विज सख्त: अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

चण्डीगढ़ , 27 मई 2026 । हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने आज पंचकूला स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण कर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था का जायजा लिया। हरियाणा सरकार में मंत्रीअनिल विज ने 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विज के सख्त रुख के बाद विभागीय अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है।

औचक निरीक्षण के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 1912 कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को बिजली आपूर्ति या बिलिंग संबंधी कोई समस्या आती है तो वह सीधे कर्मचारियों को फोन करने की बजाय 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाए, ताकि शिकायतों की मॉनिटरिंग पारदर्शी तरीके से हो सके और उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के बीच किसी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 1912 हेल्पलाइन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता और प्रशासन के बीच भरोसे का माध्यम है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण शिकायतों का समाधान लंबित पाया गया तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में बिजली, पानी, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि शिकायतों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और शिकायतकर्ता को समाधान की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

विज ने अधिकारियों से तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने और हेल्पलाइन सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में हेल्पलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली की लगातार समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों में शिकायतों का समाधान बेहतर तरीके से होगा, वहां के अधिकारियों की सराहना की जाएगी, जबकि लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

जनता के बीच भी मंत्री के इस सख्त रुख की चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि शिकायतों का समय पर समाधान हो तो आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है और सरकारी सेवाओं पर भरोसा भी मजबूत होगा।