पहली फिल्म फ्लॉप, सेट पर ‘हीरोइन बदल दो’ सुनकर टूटी नहीं तमन्ना भाटिया

पहली फिल्म फ्लॉप, सेट पर ‘हीरोइन बदल दो’ सुनकर टूटी नहीं तमन्ना भाटिया

नई दिल्ली, 09 अक्टूबर 2026 । बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री तमन्ना भाटिया का फिल्मी सफर आसान नहीं रहा। कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाली तमन्ना को शुरुआत में असफलता और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। उनकी पहली हिंदी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। इसके बाद साउथ सिनेमा में काम करते हुए उन्हें एक ऐसे अनुभव से गुजरना पड़ा, जब एक सीन को लेकर असहजता जताने पर कथित तौर पर सेट पर कहा गया—‘हीरोइन बदल दो।’ हालांकि, तमन्ना ने इस अनुभव को अपने करियर पर हावी नहीं होने दिया और लगातार मेहनत करती रहीं। आगे चलकर ‘हैप्पी डेज’, ‘100 प्रतिशत लव’ और ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।

लेकिन तमन्ना पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपनी सीमा से समझौता नहीं किया और उस घटना को आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया। हैप्पी डेज और कल्लूरी से पहचान मिली, अयान और ‘100 प्रतिशत लव’ ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 2015 की बाहुबली: द बिगिनिंग ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया। दो दशक से ज्यादा के करियर के बाद तमन्ना सफलता को अवॉर्ड या किसी एक ब्लॉकबस्टर से नहीं, बल्कि लगातार काम और नए किरदार निभाने के मौकों से जोड़ती हैं।

13 साल की उम्र में शुरू हुआ फिल्मी सफर

तमन्ना भाटिया ने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। साल 2005 में उनकी हिंदी फिल्म ‘चांद सा रोशन चेहरा’ रिलीज हुई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन तमन्ना ने अपने करियर को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

हिंदी फिल्म से अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा में काम करना शुरू किया। नई भाषा, अलग फिल्मी माहौल और नए लोगों के बीच अपनी जगह बनाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।

सीन से असहजता जताई तो मिला रिप्लेसमेंट का जवाब

तमन्ना ने एक बातचीत में अपने शुरुआती करियर का अनुभव साझा करते हुए बताया था कि साउथ की एक फिल्म में एक सीन को लेकर वह सहज नहीं थीं। उन्होंने अपनी असहजता जाहिर की और उस सीन को करने से इनकार कर दिया।

उनके मुताबिक, इसके बाद सेट पर ‘हीरोइन बदल दो’ जैसी बात कही गई। कम उम्र में इस तरह की स्थिति का सामना करना किसी भी नए कलाकार के लिए मुश्किल हो सकता है। हालांकि, तमन्ना ने अपनी बात रखने के फैसले पर पछतावा नहीं जताया।

‘बाहुबली’ ने दिलाई देशभर में लोकप्रियता

साल 2015 में रिलीज हुई एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ तमन्ना के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने अवंतिका का किरदार निभाया। इस फिल्म की लोकप्रियता ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया।

‘बाहुबली’ की सफलता के बाद तमन्ना को हिंदी दर्शकों के बीच भी व्यापक पहचान मिली। उन्होंने साउथ की फिल्मों के साथ हिंदी मनोरंजन जगत में भी काम जारी रखा और अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अपनी पहचान को विस्तार दिया।

तमन्ना के करियर में सफल फिल्मों के साथ असफलताएं भी आईं। हिंदी फिल्मों में ‘हिम्मतवाला’ और ‘हमशकल्स’ जैसी फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने काम करना बंद नहीं किया और तमिल, तेलुगु तथा हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहीं।

उनके करियर की कहानी इस बात का उदाहरण है कि मनोरंजन जगत में लंबे समय तक टिके रहने के लिए केवल एक हिट फिल्म पर्याप्त नहीं होती। लगातार काम करना, नए किरदार चुनना और असफलताओं के बाद फिर से प्रयास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

तमन्ना की कहानी से क्या मिलती है सीख?

तमन्ना भाटिया का सफर शुरुआती असफलताओं, रिजेक्शन और करियर में आए उतार-चढ़ाव से होकर गुजरा है। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करते हुए अपनी जगह बनाई। आज वह फिल्मों के अलावा वेब प्रोजेक्ट्स और म्यूजिक वीडियो के लिए भी जानी जाती हैं।

उनकी यात्रा बताती है कि शुरुआती असफलता किसी कलाकार के भविष्य का अंतिम फैसला नहीं होती। निरंतर मेहनत, अपने फैसलों पर भरोसा और बदलते अवसरों के साथ आगे बढ़ने की क्षमता करियर को नई दिशा दे सकती है।