होर्मुज में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हमले, 48 घंटे में तीसरी घटना से बढ़ी चिंता

होर्मुज में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हमले, 48 घंटे में तीसरी घटना से बढ़ी चिंता

नई दिल्ली, 07 अक्टूबर 2026 । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। भारतीय नाविकों वाले जहाजों को भी लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले 48 घंटे में तीसरे हमले की घटना ने भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

हालिया घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पनामा-फ्लैग वाले MT On Peace पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इस घटना में 12 क्रू सदस्य घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नाविक बताए गए हैं। घायलों को ओमान की मदद से सुरक्षित निकालकर खसाब ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 लोगों का क्रू था। सभी भारतीय नागरिक थे और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

रूस के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाले इस टैंकर पर हमले के बाद ब्लैक सी के पानी में कच्चा तेल जला। इससे रूस के रिसॉर्ट शहर सोची के कुछ हिस्सों में आसमान काले धुएं से ढक गया है।

माना जा रहा है कि यह हमला यूक्रेन की तरफ से किया गया। बीते 48 घंटे में यह तीसरी बार है जब भारतीय नाविकों वाले जहाजों को निशाना बनाया गया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता

भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्रालय ने हमलों को तत्काल रोकने की जरूरत पर जोर दिया है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया है।

भारतीय नाविक बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया के संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में बढ़ता जोखिम भारत के लिए भी महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंता बन गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की सैन्य या सुरक्षा घटना का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है।

हाल के महीनों में इस क्षेत्र में कई वाणिज्यिक जहाजों को नुकसान पहुंचने और क्रू सदस्यों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। जुलाई में दो टैंकरों पर हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत और कई भारतीयों के घायल होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

लगातार हमलों के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा अब सबसे अहम मुद्दों में शामिल हो गई है। जहाजों को संघर्ष वाले क्षेत्रों से गुजरने के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा और समुद्री चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।

भारत पहले भी भारतीय नाविकों को जोखिम वाले समुद्री मार्गों पर तैनात करने को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत चुका है। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों और संबंधित देशों के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण हो जाता है।