मुकेश सहनी ने RJD को दी खुली चुनौती, बोले- हिम्मत है तो अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करें

मुकेश सहनी ने RJD को दी खुली चुनौती, बोले- हिम्मत है तो अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करें

पटना, 08 अक्टूबर 2026 । बिहार की राजनीति में महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और आपसी तालमेल को लेकर खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। सहनी ने कहा कि अगर RJD को लगता है कि उसे किसी सहयोगी की जरूरत नहीं है, तो वह अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दे।

मुकेश सहनी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति में महागठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा तेज है। सहनी ने कहा कि नेताओं को आपस में लड़ने के बजाय जनता के मुद्दों पर लड़ाई लड़नी चाहिए।

MLC चुनाव में अगर हार होती है तो महागठबंधन के टॉप नेता जिम्मेदार: सहनी

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मुकेश सहनी ने तेजस्वी का नाम लिए बिना कहा कि अगर एमएलसी चुनाव में महागठबंधन की हार होती है तो इसकी वजह हमारे महागठबंधन के टॉप नेता होंगे। मुकेश सहनी ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की जिसके पास लीडरशिप है, उसे ये सोचना चाहिए कि जब आप आठ सीटों पर गठबंधन के साथियों के साथ सहमित नहीं बना पा रहे हैं तो आप आने वाले समय में क्या कीजिएगा।

सहनी का ताजा बयान बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सामने आया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव में महागठबंधन को नुकसान होता है तो इसे किसी एक नेता की हार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में पूरे गठबंधन और उससे जुड़े कार्यकर्ताओं पर असर पड़ेगा।

VIP प्रमुख ने गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व से भी सवाल किया कि क्या वह सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है। इस बयान से सीटों और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर गठबंधन के भीतर चल रही चर्चा फिर सुर्खियों में आ गई है।

आज तेजस्वी और सहनी एक साथ प्रदर्शन में दिखे

मुकेश सहनी का बयान ऐसे दिन सामने आया है, जब पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के नेता शामिल हुए। मार्च के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

यानी एक तरफ दोनों नेता चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर एक मंच पर नजर आए, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर सहनी के तीखे बयान ने राजनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है।

मुकेश सहनी ने MLC चुनाव को लेकर कहा कि अगर महागठबंधन चुनाव हारता है तो इसकी जिम्मेदारी केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं होगी। उन्होंने इसे पूरे गठबंधन और लाखों कार्यकर्ताओं की हार बताया।

सहनी की इस टिप्पणी को गठबंधन के भीतर सामूहिक निर्णय और नेतृत्व की भूमिका को लेकर दबाव बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है और RJD की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

RJD और VIP के बीच तालमेल क्यों अहम?

RJD और VIP दोनों महागठबंधन की राजनीति में महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। ऐसे में सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर किसी भी तरह का मतभेद चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय बन जाता है।

मुकेश सहनी लगातार अपनी पार्टी के लिए राजनीतिक हिस्सेदारी की बात उठाते रहे हैं। वहीं RJD अपने संगठन और चुनावी रणनीति के हिसाब से सीटों को लेकर फैसला करती है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समन्वय आगामी चुनावी समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

गठबंधन के सामने आगे की चुनौती

महागठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सहयोगी दलों के बीच सीटों और नेतृत्व को लेकर सहमति बनाए रखना है। मुकेश सहनी के ताजा बयान ने यह संकेत जरूर दिया है कि गठबंधन के भीतर सभी दल अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर मुखर हैं।

फिलहाल सहनी ने RJD को अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करने की चुनौती दी है। अब नजर RJD और तेजस्वी यादव की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि आने वाले दिनों में महागठबंधन के घटक दल आपसी मतभेदों को किस तरह सुलझाते हैं।