आज सोना ₹1,375 और चांदी ₹1,033 सस्ती हुई, निवेशकों को मिली राहत
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 25 । कीमती धातुओं के बाज़ार से आज उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर आई है। सोना ₹1,375 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,033 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के कारण कीमती धातुओं की मांग में गिरावट देखी गई, जिसका सीधा असर भारतीय बाज़ार पर पड़ा।
दिल्ली सर्राफा मार्केट में आज 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹63,200 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि चांदी ₹74,500 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारी सीजन के बाद मांग में आई कमी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों में सुस्ती की वजह से यह गिरावट आई है।
सोना-चांदी के दाम में आज यानी 30 नवंबर को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोने की कीमत 1,375 रुपए गिरकर 1,19,253 रुपए हो गई है। बुधवार को सोने के दाम 1,20,628 रुपए प्रति 10 ग्राम थे। वहीं, चांदी 1,033 रुपए गिरकर ₹1,45,600 प्रति किलोग्राम हो गई। 29 अक्टूबर को इसकी कीमत ₹1,46,633 प्रति किलोग्राम थी।
इससे पहले इसी महीने 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और चांदी ने 1,71,275 रुपए का ऑलटाइम हाई बनाया था। ऑल टाइम हाई बनाने के बाद से अब तक 13 दिनों में ही सोना 10,246 रुपए और चांदी 25,675 रुपए सस्ती हो चुकी है
IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।
सोना-चांदी के दाम में गिरावट के 3 कारण
- भारत में सीजनल खरीदी का खत्म होना: दिवाली जैसे फेस्टिवल के बाद इंडिया में सोने-चांदी की खरीदारी का सिलसिला थम गया। इससे सोना-चांदी की डिमांड में कमी आई है।
- ग्लोबल टेंशन में कमी: सोना-चांदी को 'सेफ-हेवन' माना जाता है, यानी मुश्किल वक्त में लोग इन्हें खरीदते हैं। ग्लोबल टेंशन के कम होने से इसमें गिरावट आई है।
- प्रॉफिट-टेकिंग और ओवरबॉट सिग्नल: रैली के बाद निवेशक प्रॉफिट बुक कर रहे हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स जैसे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) दिखा रहे थे कि कीमतें ओवरबॉट (कीमतें ज्यादा बढ़ जाना) जोन में पहुंच चुकी थीं। इसलिए ट्रेंड फॉलोअर्स और डीलर्स ने बिकवाली शुरू कर दी है।
निवेशकों के लिए यह समय आकर्षक माना जा रहा है, क्योंकि कीमतों में आई नरमी लंबी अवधि के निवेश के अवसर प्रदान कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी में निवेश करने से पहले वैश्विक बाजार के रुझान और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति पर नज़र रखना ज़रूरी है।
सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट से ज्वेलरी कारोबारियों और ग्राहकों को भी राहत मिलेगी। खासकर शादी और उत्सव सीजन में यह बदलाव ग्राहकों की खरीदारी बढ़ा सकता है।


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