बांग्लादेश में हिंदू पति-पत्नी की निर्मम हत्या — गला काट कर हत्या, अल्पसंख्यकों पर बढ़ता भय
ढाका, 08 दिसंबर 2025 । हाल ही में बांग्लादेश के Rangpur जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है, जहाँ एक हिंदू दंपति — 75 वर्षीय पूर्व स्वतंत्रता सेनानी Jogesh Chandra Roy और उनकी पत्नी Suborna Roy — को उनके ही घर में गला रेतकर हत्या कर दिया गया।
बांग्लादेश के रंगपुर जिले में 1971 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 75 वर्षीय योगेश चंद्र राय और उनकी पत्नी सुवर्णा राय की घर में गले रेतकर हत्या कर दी गई। दोनों के शव रविवार सुबह उनके घर से बरामद हुए। अभी तक न कोई FIR दर्ज हुई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।
रविवार सुबह करीब 7.30 बजे पड़ोसियों और घरेलू सहायिका ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वे सीढ़ी लगाकर घर के अंदर पहुंचे। अंदर सुवर्णा राय का शव रसोई में और योगेश राय का शव डाइनिंग रूम में पड़ा मिला। दोनों के गले कटे हुए थे।
पुलिस का कहना है कि हमला देर रात करीब 1 बजे हुआ। दंपती गांव के घर में अकेले रहते थे। उनके दो बेटे शोवेन चंद्र राय और राजेश खन्ना चंद्र राय बांग्लादेश पुलिस में नौकरी करते हैं।
प्रतिक्रिया और चिंताएँ
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स्थानीय हिंदू-संगठनों और मानवाधिकार संगठनों ने मामले की न्यायपूर्ण जांच, दोषियों की शीघ्र पहचान और पाबंदी की मांग की है।
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समुदाय में डर है कि अगर सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई, तो अन्य परिवारों को भी खतरा हो सकता है — खासकर उन जगहों पर जहाँ अल्पसंख्यकों की आबादी कम है।
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इस हत्या ने बांग्लादेश में धार्मिक सहिष्णुता, धार्मिक स्वतंत्रता और संज्ञानात्मक संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है।
रंगपुर की यह निर्मम हत्या — एक वृद्ध दंपति की हत्या, जिनमें से एक स्वतंत्रता सेनानी थे — सिर्फ एक भयावह अपराध नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, उनके जीवन-अधिकार और धार्मिक पहचान की चिंता का द्योतक है। इसे सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय दृष्टि से देखा जाना चाहिए।


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