ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन हिंसक, हालात बेकाबू—7 लोगों की मौत

ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन हिंसक, हालात बेकाबू—7 लोगों की मौत

तेहरान, 02 जनवरी 2026 । ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। ताज़ा घटनाक्रम में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। हिंसा के बाद कई शहरों में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ईरान में महंगाई और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी है। ये प्रदर्शन ईरान के पवित्र शहर तक फैल गए हैं।

कोम शिया धर्मगुरुओं का एक प्रमुख गढ़ है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने राजशाही के समर्थन में नारे लगाए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें 1 जनवरी को 5 लोगों की मौत हुई। इससे पहले 31 दिसंबर को भी एक शख्स की प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में मौत हो गई थी।

प्रदर्शन में अब तक 6 आम लोगों और 1 सिक्योरिटी फोर्स की मौत हो चुकी है। ईरान में प्रदर्शन की शुरुआत 28 दिसंबर को हुई थी। तब राजधानी तेहरान में व्यापारियों ने इसकी शुरुआत की थी। अब इसमें हजारों GenZ भी शामिल हो चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देश में राजनीतिक दमन, आर्थिक संकट, बेरोजगारी और महंगाई ने आम जनता का जीवन मुश्किल बना दिया है। उनका कहना है कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेतृत्व की नीतियों के कारण जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है। खामेनेई के खिलाफ खुले तौर पर नारे लगना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि असंतोष अब उच्चतम सत्ता स्तर तक पहुंच चुका है।

ईरानी सरकार ने हिंसा के लिए “विदेशी ताकतों की साजिश” को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने हालात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं और देश की स्थिरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए मृतकों और घायलों के आंकड़ों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और ईरान से संयम बरतने तथा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की जा रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह हिंसक प्रदर्शन ईरान में गहराते राजनीतिक और सामाजिक संकट की ओर इशारा करते हैं। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो देश में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है।