मोहम्मद अजरुद्दीन बने रेवंत रेड्डी सरकार के पहले मुस्लिम मंत्री: क्रिकेट मैदान से राजनीति तक का सफर हुआ पूरा

मोहम्मद अजरुद्दीन बने रेवंत रेड्डी सरकार के पहले मुस्लिम मंत्री: क्रिकेट मैदान से राजनीति तक का सफर हुआ पूरा

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 25 । तेलंगाना की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान मोहम्मद अजरुद्दीन को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में शामिल किया गया है, जिसके साथ ही वे रेवंत रेड्डी सरकार के पहले मुस्लिम मंत्री बन गए हैं। यह फैसला न सिर्फ़ कांग्रेस की समावेशी राजनीति को दर्शाता है, बल्कि राज्य की राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।

अजरुद्दीन, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हैदराबाद के लोकप्रिय चेहरे हैं, लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल कर कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय और युवा नेतृत्व दोनों को समान महत्व दे रही है।

पूर्व क्रिकेटर और एमएलसी मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में उन्हें तेलंगाना गवर्नर जिष्णु देव वर्मा ने शपथ दिलाई। वे राज्य के 16वें मंत्री होंगे।

उधर, भाजपा ने अजहरुद्दीन के मंत्री बनाए जाने का विरोध किया है। भाजपा का कहना है कि जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने से यह आचार संहिता का उल्लंघन है। कांग्रेस तुष्टिकरण की की राजनीति कर रही है। भाजपा ने गुरुवार को राज्य चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है।

दरअसल, तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव होने हैं। इस सीट पर मुस्लिम मतदाता 30% हैं। माना जा रहा है कि अजहरुद्दीन की कैबिनेट में एंट्री से कांग्रेस को फायदा मिलेगा। अजहरुद्दीन 2023 में इसी सीट से चुनाव हार चुके हैं।

वहीं, तेलंगाना की कांग्रेस सरकार में अभी एक भी मुस्लिम मंत्री नहीं था। इस वजह से मुस्लिम समुदाय को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व न देने का आरोप लग रहा था। उनके शामिल होने के बाद रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में कुल 16 मंत्री हो गए हैं, जबकि राज्य में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेवंत रेड्डी का यह कदम राज्य की सामाजिक विविधता और राजनीतिक संतुलन दोनों को मजबूत करने की दिशा में अहम है। यह निर्णय कांग्रेस की उस नीति को भी दोहराता है, जिसके तहत वह हर वर्ग को सत्ता में भागीदारी देना चाहती है।

हैदराबाद समेत तेलंगाना के कई हिस्सों में मुस्लिम समुदाय ने अजरुद्दीन की नियुक्ति का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस और समर्थकों ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा — “कैप्टन अब राजनीति की पिच पर भी विजयी पारी खेलने को तैयार हैं।”