ऑक्ट-एफएक्स पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप – वित्तीय जांच में नया मोड़

ऑक्ट-एफएक्स पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप – वित्तीय जांच में नया मोड़

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 । ईडी ने फॉरेन करेंसी (विदेशी मुद्रा) ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऑक्टा एफएक्स की 2,385 करोड़ रुपए की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की गई है।

आरोप है कि ऑक्टा एफएक्स ने बिना आरबीआई की अनुमति के फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाकर भारतीय निवेशकों से 1,875 करोड़ रुपए की ठगी की और 5,000 करोड़ रुपए का अवैध मुनाफा विदेशों में भेजा।

ईडी ने कहा कि घोटाले का मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव को स्पेनिश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घोटाले का पैसा प्रोजोरोव के क्रिप्टो वॉलेट्स में रखा गया था, जबकि कुछ रकम FDI के रूप में भारत में दोबारा निवेश की गई। इस पैसे से लक्जरी यॉट और विदेशी संपत्ति भी खरीदी गई।

7 देशों में फैला मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क

ईडी की जांच में पता चला कि मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, स्पेन, एस्टोनिया, जॉर्जिया, साइप्रस, दुबई और सिंगापुर में फैला था। आगे की जांच अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और क्रिप्टो चैनलों पर केंद्रित है।

ईडी के मुताबिक ऑक्टा एफएक्स शुरुआत में निवेशकों को छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास जीता। बाद में फर्जी चार्ट के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाया गया।

भारत में ऑक्टा एफएक्स ने यूपीआई और लोकल बैंक ट्रांसफर से निवेशकों का पैसा जुटाया। यह रकम डमी कंपनियों, ई-कॉमर्स कंपनियों और फर्जी अकाउंट्स के जरिए विदेश भेजी गई।

ऑक्ट-एफएक्स के प्लेटफ़ॉर्म पर कई छोटे और बड़े निवेशक जुड़े हुए हैं। आरोपों के सामने आने के बाद निवेशकों में पैनिक और भय देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से फॉरेक्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग सेक्टर की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

सरकारी और कानूनी कदम
  1. एफआईयू और ईडी (Enforcement Directorate) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  2. कंपनी के खातों को फ्रीज किया गया और प्रमोटरों से पूछताछ जारी है।

  3. संभावित मनी लॉन्ड्रिंग और फॉरबिडन ट्रांजेक्शन्स के रिकॉर्ड को एकत्र किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत में डिजिटल ट्रेडिंग और निवेश की निगरानी सख्त करने का संकेत है। आने वाले हफ्तों में इस पर वित्तीय और कानूनी निर्णय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

ऑक्ट-एफएक्स पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप वित्तीय बाजार के लिए चेतावनी हैं। यह घटना यह याद दिलाती है कि निवेश करते समय कंपनी के कानूनी और वित्तीय रिकॉर्ड की पूरी जांच बेहद जरूरी है।
कानूनी कार्रवाई और जांच के नतीजे न केवल ऑक्ट-एफएक्स, बल्कि पूरे फॉरेक्स और क्रिप्टो सेक्टर के लिए एक संकेतक मोड़ साबित होंगे।