‘अबकी बार मोदी सरकार’ के रचयिता पीयूष पांडे नहीं रहे — भारतीय विज्ञापन जगत ने खोया एक महान रचनाकार
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2025 । भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज और प्रतिष्ठित क्रिएटिव डायरेक्टर पीयूष पांडे का निधन हो गया है। वे लंबे समय से विज्ञापन उद्योग के स्तंभ माने जाते थे और अपनी अनोखी रचनात्मकता, सरल भाषा और भारतीय भावनाओं को शब्दों में ढालने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे।
एड गुरु पद्मश्री पीयूष पांडे का गुरुवार को निधन हो गया। जानकारी आज सामने आई है। 70 साल की उम्र में मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। पीयूष ने 'अबकी बार मोदी सरकार' नारा लिखा था। इसके अलावा, 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' गाना लिखा था।
पीयूष पांडे की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। अंतिम संस्कार आज मुंबई में किया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने X पर लिखा, 'पीयूष पांडे क्रिएटिविटी के लिए जाने जाते थे। एडवर्टाइजिंग की दुनिया में उन्होंने शानदार योगदान दिया। मैं उनके साथ हुई बातचीत को सालों तक संजोकर रखूंगा। उनके दुनिया से जाने से बहुत दुखी हूं। उनके परिजन के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।'
कम उम्र में ही विज्ञापन इंडस्ट्री में कदम रखा था
पीयूष 27 साल की उम्र में विज्ञापन जगत से जुड़ गए थे। उन्होंने शुरुआत अपने भाई प्रसून पांडे के साथ की। दोनों ने रोजमर्रा के उत्पादों के लिए रेडियो जिंगल्स की आवाज दी थी।
1982 में विज्ञापन कंपनी ओगिल्वी से की। 1994 में उन्हें ओगिल्वी के बोर्ड में नॉमिनेट किया गया। पीयूष को 2016 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, 2024 में उन्हें LIA लीजेंड अवॉर्ड भी मिला।
उनके निधन से विज्ञापन जगत में शोक की लहर है। सहकर्मियों, नेताओं और कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सबका कहना है कि उन्होंने न केवल विज्ञापन को नया रूप दिया, बल्कि पीढ़ियों को सिखाया कि शब्दों में भी शक्ति होती है — ऐसी शक्ति जो सोच बदल दे।
पीयूष पांडे की विरासत भारतीय सृजनात्मकता, संप्रेषण और संवेदना का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने साबित किया कि कुछ शब्द पूरे युग को परिभाषित कर सकते हैं।


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