13 लाख रिश्वत मामले में पंजाब विजिलेंस DGP के रीडर को बड़ा झटका, CBI कोर्ट ने खारिज की जमानत

13 लाख रिश्वत मामले में पंजाब विजिलेंस DGP के रीडर को बड़ा झटका, CBI कोर्ट ने खारिज की जमानत

चंडीगढ़ , 22 मई 2026 । सी.बी.आई. की विशेष अदालत ने 13 लाख रुपये रिश्वत मामले में पंजाब विजिलेंस विभाग के डीजीपी के रीडर को बड़ा झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद पंजाब प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

ओ. पी. राणा की गिरफ्तारी इस मामले में अहम है, क्योंकि कोर्ट में सी.बी.आई. दावा कर चुकी है कि 20 लाख रिश्वत के मामले में ओ.पी. राणा ने कहा था कि 13 लाख साहब को जाने हैं। वहीं सी.बी.आई. ने बिचौलिए मलोट निवासी विकास गोयल की अंतरिम जमानत भी रद्द की है। याचिका में गोयल ने गंभीर बीमारियों का हवाला दिया था।

मामला कथित तौर पर रिश्वत लेने और प्रभाव का इस्तेमाल कर फायदे पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी पर एक मामले में राहत दिलाने के बदले बड़ी रकम मांगने और लेने के आरोप लगे हैं। इसी मामले में जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी सामने आने की बात कही जा रही है।

सीबीआई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को जमानत देने की मांग की, लेकिन जांच एजेंसी ने इसका विरोध किया। एजेंसी का कहना था कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी को राहत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।

रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में पंजाब विजिलेंस विभाग पहले भी चर्चा में रहा है। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख का संकेत देता है। वहीं जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल आरोपी को राहत न मिलने से जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई में मजबूती मिली है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।