राहुल गांधी बोले — “सरकार नहीं चाहती विपक्ष मिले व्लादिमीर पुतिन से”

राहुल गांधी बोले — “सरकार नहीं चाहती विपक्ष मिले व्लादिमीर पुतिन से”

नई दिल्ली, 04 दिसंबर 2025 । भारत में जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर आए, तब संसद — और विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी — ने एक विवादित बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मुलाकात के दौरान “विपक्ष और पुतिन” के बीच कोई बातचीत नहीं चाहती। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भारत दौरे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल किया। उन्होंने कहा- केंद्र सरकार नहीं चाहती है कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले। मोदी जी और विदेश मंत्रालय इस नियम का पालन नहीं करते हैं। यह उनकी इनसिक्योरिटी है।

आज संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन है। आज रुस के पहले डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटुरोव गुरुवार सुबह पार्लियामेंट पहुंचे हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने दिल्ली एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

कई विपक्षी सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- हमें कौन सा मौसम एन्जॉय करना चाहिए? बाहर के हालात तो देखो। जैसा सोनिया जी ने कहा, बच्चे सांस नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें अस्थमा है और उनके जैसे सीनियर सिटिजन को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालात साल दर साल खराब होते जा रहे हैं।

आज सदनों में कर सुधार, एक्साइज संशोधन, परमाणु ऊर्जा, आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बुधवार को लोकसभा ने तंबाकू प्रोडक्ट और उनकी मैन्युफैक्चरिंग पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से जुड़े सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को चर्चा के बाद पारित किया था।

राहुल गांधी का यह बयान न सिर्फ एक आरोप है, बल्कि लोकतंत्र, पारदर्शिता और राजनीतिक समावेशिता की मांग का प्रतीक है। अगर वास्तव में विपक्ष को बड़े विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने से रोका गया — तो यह लोकतंत्र की मजबूत परंपराओं के लिए चिंताजनक है। इस बहस में आने वाले दिनों में भारत की राजनीति और मीडिया की निगाहें बनी रहेंगी।