योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक में 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, पिछड़ा वर्ग आयोग से लेकर मेट्रो विस्तार तक कई फैसलों पर मुहर

योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक में 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, पिछड़ा वर्ग आयोग से लेकर मेट्रो विस्तार तक कई फैसलों पर मुहर

लखनऊ , 18 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन, कैशलेस इलाज योजना, लखनऊ व आगरा मेट्रो विस्तार परियोजना समेत कुल 12 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं और शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर के विस्तार के लिए भूमि हस्तांतरण का रास्ता साफ हो गया है। मिर्जापुर में निजी क्षेत्र की सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को भी हरी झंडी मिली। आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के लिए भूमि हस्तांतरण मंजूर किया गया। आगरा मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण को भी मंजूरी दी गई। यूपी जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 लागू होगी।

कैबिनेट ने राज्य में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देकर सामाजिक न्याय और वर्ग विशेष से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में अहम पहल की है। सरकार का मानना है कि इससे पिछड़े वर्गों से संबंधित शिकायतों, आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मामलों को संस्थागत मजबूती मिलेगी।

बैठक में कैशलेस इलाज योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम करना है। सरकार का दावा है कि इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।

इसके अलावा लखनऊ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिलने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। नए रूट और विस्तार योजनाओं से ट्रैफिक दबाव कम होने और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैबिनेट बैठक में शहरी विकास, बुनियादी ढांचा, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और लोगों को सीधे लाभ पहुंचेगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक यह बैठक आगामी विकास योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती है। आने वाले समय में इन फैसलों के क्रियान्वयन पर विशेष नजर रहेगी।