ऑस्कर अवॉर्ड की दौड़ में शामिल हुई फिल्म ‘होमबाउंड’, भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025 । भारतीय सिनेमा के लिए एक गर्व का क्षण सामने आया है, जब फिल्म ‘होमबाउंड’ को प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड की रेस में शामिल किया गया है। यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सशक्त कहानी कहने की परंपरा को आगे बढ़ाती नजर आ रही है। ऑस्कर जैसी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में किसी भारतीय फिल्म का नाम आना न सिर्फ फिल्म निर्माताओं के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए सम्मान की बात मानी जाती है।
डायरेक्टर नीरज घेवान की फिल्म होमबाउंड को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की टॉप 15 शॉर्टलिस्ट फिल्मों में जगह मिली है। फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं।
अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने मंगलवार को 12 कैटेगरी की शॉर्टलिस्ट शेयर की। वहीं इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में कुल 15 फिल्मों को चुना गया है। इनमें से आगे चलकर सिर्फ 5 फिल्मों को फाइनल नॉमिनेशन मिलेगा। इन नॉमिनेशंस की घोषणा 22 जनवरी 2026 को की जाएगी। इसके बाद ऑस्कर अवॉर्ड्स का इवेंट 15 मार्च 2026 को होगा।
‘होमबाउंड’ अपनी भावनात्मक गहराई, मजबूत पटकथा और प्रभावशाली अभिनय के कारण चर्चा में रही है। फिल्म की कहानी आम इंसान के संघर्ष, रिश्तों और अपनेपन की तलाश के इर्द-गिर्द घूमती है, जो वैश्विक दर्शकों से भी सीधा जुड़ाव बनाती है। यही वजह है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है और ऑस्कर की रेस में इसकी मौजूदगी को गंभीरता से देखा जा रहा है।
फिल्म की खास बात इसका यथार्थवादी प्रस्तुतीकरण है। निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर ने कहानी को और प्रभावशाली बनाया है। बिना किसी दिखावे के, सादगी के साथ कही गई यह कहानी दर्शकों के दिल को छूने में सफल रही है। ऑस्कर जैसे मंच पर ऐसी फिल्में अक्सर मजबूत दावेदार साबित होती हैं, जो मानवीय संवेदनाओं को सच्चाई के साथ प्रस्तुत करती हैं।
‘होमबाउंड’ की ऑस्कर रेस में एंट्री से भारतीय इंडिपेंडेंट सिनेमा को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। यह साबित करता है कि बड़े बजट और भव्यता के बिना भी कंटेंट की ताकत से वैश्विक मंच पर जगह बनाई जा सकती है। फिल्म से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने भारतीय सिनेमा की रचनात्मक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने रखा है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ‘होमबाउंड’ ऑस्कर की अंतिम सूची में कितनी दूर तक पहुंच पाती है। चाहे परिणाम कुछ भी हो, लेकिन इस फिल्म का ऑस्कर की दौड़ में शामिल होना ही भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और ज्यादा गुणवत्तापूर्ण फिल्मों को वैश्विक मंच तक पहुंचने की प्रेरणा देगा।


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