विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’
नई दिल्ली, 02 मार्च 2026 । भारत के इतिहास की सबसे संवेदनशील और दर्दनाक घटनाओं में से एक 1947 का विभाजन रहा है। इसी ऐतिहासिक त्रासदी और उससे जुड़े मानवीय संघर्षों को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’ दर्शकों को उस दौर की भावनात्मक यात्रा पर ले जाती है। यह फिल्म केवल राजनीतिक घटनाओं का चित्रण नहीं करती, बल्कि उन लाखों परिवारों की पीड़ा, विस्थापन और नई पहचान की तलाश को भी सामने लाती है, जिन्हें विभाजन ने गहराई से प्रभावित किया।
सैमीज एंटरटेनमेंट की नई बॉलीवुड फिल्म जय हिंद जय सिंध - ए लव स्टोरी भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल कहानी है। फिल्म का निर्देशन इंद्रजीत लंकेश ने किया है और इसके प्रोड्यूसर सैमी ननवानी हैं। फिल्म को लेकर प्रोड्यूसर सैमी ननवानी और एक्टर विक्रम कोचर ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की इच्छा जाहिर की।
बातचीत में प्रोड्यूसर सैमी ननवानी से पूछा गया कि क्या फिल्म में सिंध से आए लोगों के पलायन और उनके योगदान को भी दिखाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि सिंध इस फिल्म का एक हिस्सा है, लेकिन पूरी कहानी उससे कहीं बड़ी है। उनके मुताबिक फिल्म भारत की विविधता और एकता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग तरह का खाना खाते हैं और अलग दिखते हैं, फिर भी दिल से एक हैं और साथ रहते हैं।
1947 में जब ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिली, उसी समय देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान का गठन हुआ। इस प्रक्रिया में सिंध, पंजाब और बंगाल जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा और पलायन हुआ। सिंधी समुदाय को विशेष रूप से भारी विस्थापन का सामना करना पड़ा, क्योंकि सिंध पाकिस्तान में चला गया और लाखों सिंधी परिवारों को भारत आकर नई शुरुआत करनी पड़ी।
फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’ इसी पृष्ठभूमि में सिंधी समाज की पीड़ा, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को दर्शाती है। यह कहानी उन लोगों की है जिन्होंने अपनी जन्मभूमि छोड़ी, लेकिन मातृभूमि भारत के प्रति समर्पण और पहचान को बनाए रखा।
फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी: सैमी
सैमी ने कहा कि जैसे हॉलीवुड फिल्मों ने अमेरिका को दुनिया में पहचान दिलाई, वैसे ही यह फिल्म भारत की छवि को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज दुनिया में भारत की पहचान पहले से ज्यादा मजबूत हुई है और इसमें प्रधानमंत्री की बड़ी भूमिका है। ‘जय हिंद जय सिंध’ विभाजन के घावों को कुरेदने के बजाय उनसे सीख लेने का संदेश देती है। यह फिल्म बताती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, एकता और देशप्रेम से नई शुरुआत की जा सकती है। आज के दौर में जब इतिहास को समझना और उससे सीख लेना आवश्यक है, ऐसी फिल्में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।


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