ट्रम्प ने सालभर में ₹18 हजार करोड़ चंदा जुटाया: अमेरिकी राजनीति में फंडरेजिंग का नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 23 दिसंबर 2025 । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने एक साल के भीतर करीब ₹18 हजार करोड़ का चुनावी चंदा जुटाया है। यह आंकड़ा अमेरिकी राजनीति में फंडरेजिंग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है और इससे उनकी राजनीतिक पकड़ व समर्थक आधार की ताकत का अंदाजा लगाया जा रहा है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी टीम ने बड़े पैमाने पर चंदा जुटाया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में सामने आया है कि चुनाव के बाद ट्रम्प और उनके करीबियों ने करीब 2 अरब डॉलर (18 हजार करोड़ रुपए) अलग-अलग फंड और योजनाओं के लिए इकट्ठा किए। यह रकम उनके इलेक्शन कैंपेन के लिए जुटाई गई राशि से भी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कागजात, फंडिंग रिकॉर्ड और कई लोगों से बातचीत करके पता लगा कि कम से कम 346 बड़े दानदाता ऐसे हैं, जिनमें से हर एक ने 2.5 लाख डॉलर या उससे ज्यादा का चंदा दिया।
इन लोगों से ही करीब 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम आई। इनमें से लगभग 200 दानदाता ऐसे हैं, जिन्हें या जिनके कारोबार को ट्रम्प सरकार के फैसलों से फायदा मिला। इनमें सुंदर पिचाई और सत्या नडेला जैसे 6 भारतवंशी बिजनेसमैन शामिल हैं।
इन फायदों में कई बातें शामिल हैं। किसी को राष्ट्रपति की तरफ से माफी मिली, किसी के खिलाफ चल रहे केस खत्म हो गए, किसी कंपनी को बड़े सरकारी ठेके मिल गए तो किसी को सीधे व्हाइट हाउस तक पहुंच मिली या सरकार में बड़ा पद दिया गया।
अमेरिकी राजनीति में बढ़ती धन की भूमिका
यह मामला एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में धन की भूमिका पर बहस को तेज करता है। आलोचकों का कहना है कि भारी फंडिंग से राजनीति में असमानता बढ़ती है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह जनसमर्थन का प्रतीक है।
कुल मिलाकर, ट्रम्प द्वारा एक साल में ₹18 हजार करोड़ चंदा जुटाने का दावा अमेरिकी राजनीति में उनकी निरंतर प्रभावशीलता को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आर्थिक ताकत चुनावी नतीजों में किस तरह तब्दील होती है।


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