ट्रम्प ने BBC पर ₹8400 करोड़ के मुकदमे की धमकी दी – मीडिया रिपोर्टिंग पर बड़ा विवाद

ट्रम्प ने BBC पर ₹8400 करोड़ के मुकदमे की धमकी दी – मीडिया रिपोर्टिंग पर बड़ा विवाद

वॉशिंगटन , 11 नवम्बर 2025 । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर मीडिया पर हमला बोला है। इस बार निशाने पर है ब्रिटेन का मशहूर समाचार चैनल BBC। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने BBC पर ₹8400 करोड़ (लगभग 1 बिलियन डॉलर) का मानहानि मुकदमा दायर करने की धमकी दी है।
ट्रम्प का दावा है कि BBC ने उनकी छवि खराब करने वाली रिपोर्ट प्रसारित की, जो तथ्यों पर आधारित नहीं थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ब्रिटेन के प्रमुख मीडिया संगठन BBC पर 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,400 करोड़) का मुकदमा करने की धमकी दी है। ट्रम्प के वकीलों ने BBC को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि अगर संस्था ने अपने 'पैनोरमा डॉक्यूमेंट्री' पर माफी नहीं मांगी, तो उस पर मुकदमा किया जाएगा।

वकीलों ने न सिर्फ माफी की मांग की है, बल्कि आर्थिक मुआवजे की भी बात कही है। दरअसल, अक्टूबर 2024 में रिलीज BBC की इस डॉक्यूमेंट्री में 6 जनवरी 2021 की ट्रम्प की दो अलग-अलग स्पीच के हिस्सों को जोड़कर एक साथ दिखाया गया, जिससे ऐसा लगा कि उन्होंने यह सब एक ही बार में कहा था।

ट्रम्प की कानूनी टीम का कहना है कि इसे जानबूझकर इस तरह एडिट किया गया था, जिससे ट्रम्प की इमेज को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि यह केस फ्लोरिडा में दाखिल किया जाएगा, जहां कानून के मुताबिक पीड़ित इंसान दो साल के भीतर मुकदमा दर्ज कर सकता है।

इस विवाद के बाद BBC के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी और न्यूज CEO डेबोरा टर्नेस ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। BBC के चेयरमैन समीर शाह ने इस गलत फैसले के लिए माफी मांगी है और कहा है कि संगठन ने सुधार के लिए कदम उठाए हैं।

गलत एडिटिंग से बदला ट्रम्प के भाषण का मतलब

6 जनवरी 2021 को जब अमेरिकी कांग्रेस जो बाइडेन की जीत की पुष्टि करने वाली थी उसके पहले ट्रम्प ने अपने समर्थकों से कहा था कि हम शांति से और देशभक्ति के साथ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

इसके बाद अगले बयान में उन्होंने यह भी कहा था अगर तुम जमकर लड़ाई नहीं करोगे तो तुम्हारा देश नहीं बचेगा।

BBC की डॉक्यूमेंट्री ने ट्रम्प के बयान के इन दोनों अलग-अलग हिस्सों को ऐसे जोड़ा, जैसे ये एक ही लाइन में बोले गए हों। इससे ऐसा लगा कि ट्रम्प सीधे तौर पर अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसा रहे थे।

इस 'कट-एंड-जॉइन एडिटिंग' से यह धारणा बनी कि ट्रम्प ने जानबूझकर कैपिटल हिल हमले को उकसाया, जबकि असली स्पीच में उन्होंने शांति से विरोध की बात भी कही थी।