कानपुर कोर्ट में सनसनी: वकील की आत्मघाती छलांग से मचा हड़कंप, सोशल मीडिया स्टेटस ने बढ़ाई चिंता
कानपुर , 24 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कोर्ट परिसर में एक वकील ने पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना से पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और हर कोई स्तब्ध रह गया।
इस घटना के बाद अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में वकील मौके पर एकत्र हो गए। कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी की। पुलिस उपायुक्त गुप्ता ने बताया कि मृतक ने घटना से कुछ समय पहले अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर दो पृष्ठ का एक सुसाइड नोट साझा किया था। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और सुसाइड नोट समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में किसी को भी मौत के लिए जिम्मेदार न ठहराने और परिवार, विशेषकर मां को परेशान न करने का अनुरोध किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना से ठीक पहले वकील ने फेसबुक पर एक भावुक स्टेटस पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि उनकी लाश को उनके पिता न छू सकें और मां के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। इस संदेश ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है, जिससे पारिवारिक तनाव या व्यक्तिगत कारणों की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह सामने आ रहा है कि वकील मानसिक तनाव या किसी निजी विवाद से गुजर रहे थे, हालांकि अभी तक स्पष्ट कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल डिटेल्स और वकील के करीबी लोगों से पूछताछ के जरिए पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। साथ ही कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन पेशों में जहां तनाव और दबाव अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते संवाद, काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो मदद लेना बेहद जरूरी है। ऐसे समय में परिवार, मित्र या पेशेवर सहायता बड़ा सहारा बन सकती है।


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