UHBVN का सख्त कदम: अब ‘सीट’ से गायब नहीं हो सकेंगे बिजली अफसर, जवाबदेही तय
हरियाणा , 25 अप्रैल 2026 । हरियाणा में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी “सीट” से बिना जानकारी के गायब नहीं रह सकेंगे। इस नई व्यवस्था का मकसद उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान और विभाग में जवाबदेही बढ़ाना है।
सभी श्रेणी के उच्च अधिकारियों को कार्य अवधि के दौरान अपने निर्धारित कार्यालय में ही रहना होगा। यदि किसी आधिकारिक कार्य या फील्ड विजिट के लिए कार्यालय छोड़ना पड़ता है, तो उसके लिए सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अब अनिवार्य होगा। अधिकारियों की दफ्तर में मौजूदगी सुनिश्चित होने से फील्ड स्टाफ को तुरंत निर्देश मिल सकेंगे, जिससे तकनीकी खामियों को जल्द ठीक किया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, UHBVN ने सभी कार्यालयों में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कई जगहों पर बायोमेट्रिक सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण जैसे कदम लागू किए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर मौजूद रहें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि अधिकारी अक्सर सीट पर नहीं मिलते
- बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान में देरी हो रही थी
- विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे
क्या होगा असर?
- शिकायतों का तेजी से निपटारा
- उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा
- कर्मचारियों की जवाबदेही तय
- विभागीय पारदर्शिता में सुधार
UHBVN का मानना है कि इस कदम से बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और आम जनता को राहत मिलेगी। अगर कोई अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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