लंदन में गांधी प्रतिमा पर लिखा- गांधी-मोदी, हिंदुस्तानी टेररिस्ट
लंदन । 30 सितम्बर 25 । लंदन में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कुछ लोगों ने आपत्तिजनक और विवादित संदेश लिख दिया। इस संदेश में गांधी और प्रधानमंत्री मोदी का नाम जोड़कर उन्हें "हिंदुस्तानी टेररिस्ट" कहा गया। इस घटना ने सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की घटना सामने आई। उपद्रवियों ने सोमवार को प्रतिमा पर पेंट से गांधी, मोदी और हिंदुस्तानियों को आतंकी लिखा।
भारतीय उच्चायोग ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। उच्चायोग ने कहा है कि यह सिर्फ प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के अहिंसा और शांतिपूर्ण विचारों पर भी हमला है।
उच्चायोग ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी गई। इसके बाद ब्रिटिश अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस घटना की जांच कर रही है।
गांधी की यह प्रतिमा 1968 में बनी थी
महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का निर्माण 1968 में हुआ। इसे प्रसिद्ध पोलिश-भारतीय प्रतिमाकार फ्रेडा ब्रिलियंट ने बनाया था। कांसे से बनी इस प्रतिमा को यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के पास के उद्यान टैविस्टॉक स्क्वायर में लगाया गया है।
गांधी 1888-1891 के दौरान UCL में कानून के छात्र थे। यह प्रतिमा उनके लंदन में बिताए समय और उनकी वैश्विक विरासत को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई।
इसमें गांधीजी को उनकी पारंपरिक धोती पहने हुए हुए दिखाया गया है, जो उनकी सादगी और अहिंसा के दर्शन को दर्शाता है। फ्रेडा ने प्रतिमा का डिजाइन गांधी के व्यक्तित्व और उनके शांतिपूर्ण स्वभाव को ध्यान में रखकर तैयार किया था।
हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर इस प्रतिमा के पास समारोह आयोजित किए जाते हैं। इसमें फूल चढ़ाना, भजन गायन और स्मृति सभाएं शामिल होती हैं।
पहले भी निशाना बन चुकी हैं गांधी की प्रतिमाएं
यह पहली बार नहीं है, जब गांधी की प्रतिमा को निशाना बनाया गया है। दुनियाभर में उनकी प्रतिमायों पर तोड़फोड़ की कई घटनाएं हुई हैं।
साउथ अफ्रीका में 2003 (डर्बन) और 2015 में (जोहान्सबर्ग) प्रदर्शनकारियों ने गांधी को नस्लीय बताते हुए प्रतिमा हटाने की मांग की थी। इस दौरान #GandhiMustFall अभियान के तहत प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी।
2020 में नीदरलैंड्स में विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा पर लाल पेंट से रेसिस्ट यानी नस्लवादी लिखा गया था। 2021 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अनावरण के एक दिन बाद ही गांधी प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई थी।


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