अभिनेता इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

अभिनेता इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

मुंबई ,02 नवंबर 2026 | बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी। यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ मुंबई में हुए प्रदर्शन में उनकी कथित भागीदारी से जुड़ा है। अभिनेता ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में इस तरह के किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे।

इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उन्हें उनके नागरिकता संबंधी दर्जे की याद दिलाई और कहा कि OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त नहीं होते। हालांकि, हाईकोर्ट ने अभिनेता को तत्काल भारत छोड़ने के आदेश से अंतरिम राहत जारी रखी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट इमरान को मिलने लीव इंडिया नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने उनसे बिना शर्त माफी और अंडरटेकिंग देने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत की याद दिलाई और निर्देश दिया कि इमरान को उनके खिलाफ जारी 'लीव इंडिया नोटिस' (LIN) का जवाब देने के लिए कुछ समय दिया जाए।

अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक उनके खिलाफ जारी 'लीव इंडिया' (भारत छोड़ो) नोटिस पर रोक रहेगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट के 5 कमेंट

  • आप इतने सालों से भारत में रह रहे हैं, इस दौरान आपने कभी किसी प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया। फिर भी अब शामिल क्यों हुए।
  • आप OCI होल्डर हैं, आप भारतीय नागरिक जैसे व्यवहार नहीं कर सकते, आप SIR से प्रभावित ही नहीं हैं, तो आपको प्रोटेस्ट का कोई हक नहीं।
  • आप बचपन से यहां हैं तो भारतीय नागरिकता के लिए अप्लाई क्यों नहीं करते? अगर OCI ही रहना है तो अंडरटेकिंग देनी होगी कि दोबारा ऐसे प्रोटेस्ट में नहीं जाएंगे।
  • इसके अलावा बिना शर्त माफी भी देनी होगी, क्योंकि आपने लोगों को उकसाया है। ये सेलिब्रिटी से अपेक्षित नहीं। आपकी रोजी-रोटी सब इसी देश से है।

OCI कार्ड को लेकर कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारक भारतीय नागरिक नहीं होते और उन्हें नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। पीठ ने इमरान खान से सवाल किया कि जब SIR प्रक्रिया से उनका सीधा संबंध नहीं था, तो वह इस विरोध प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए?

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में इसी तरह के प्रदर्शन में शामिल होता, तो उसके खिलाफ वहां क्या कार्रवाई होती, इस पर भी विचार करना चाहिए। पीठ ने अभिनेता को याद दिलाया कि वह लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और एक चर्चित कलाकार हैं, इसलिए उनके सार्वजनिक व्यवहार का प्रभाव भी पड़ता है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत और पुलिस कार्रवाई के बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने अभिनेता को ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया था।

इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। अभिनेता ने इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी और इसे अनुचित बताते हुए राहत मांगी।

इमरान खान ने क्या दी सफाई?

इमरान खान के वकील ने अदालत में कहा कि अभिनेता का प्रदर्शन आयोजित करने वाले किसी संगठन या समूह से संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी दलील दी कि इमरान का जन्म अमेरिका में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय भारत में बिताया है।

बचाव पक्ष के अनुसार, अभिनेता ने प्रदर्शन में अपनी मौजूदगी को लेकर सफाई दी और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने याचिका का विरोध किया और कहा कि OCI कार्डधारकों के अधिकार भारतीय नागरिकों से अलग हैं।

7 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को तत्काल भारत छोड़ने के नोटिस से मिली अंतरिम राहत जारी रखी है। अदालत ने कहा कि FRRO अभिनेता को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद मामले में निर्णय लेगा।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी। उस दिन FRRO की कार्रवाई और अभिनेता की ओर से दिए गए जवाब पर आगे विचार किया जा सकता है।