बठिंडा नगर निगम में 178 आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत की तैयारी

बठिंडा नगर निगम में 178 आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत की तैयारी

बठिंडा ,02 नवंबर 2026 | पंजाब के बठिंडा में आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने 178 कर्मचारियों को इनसोर्स करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए कर्मचारियों की योग्यता, हाजिरी और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच भी की गई है। 2 नवंबर 2026 को होने वाली नगर निगम की जनरल हाउस बैठक के एजेंडे में यह प्रस्ताव शामिल किया गया है।

हालांकि, इसे अभी सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं माना जा सकता। प्रस्ताव के तहत पात्र कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग एजेंसी के बजाय सीधे निगम के माध्यम से संविदात्मक व्यवस्था में लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए हाउस की मंजूरी जरूरी होगी।

ठेकेदार पर 97.79 लाख रुपये बकाया

माल रोड और मल्टीलेवल कार पार्किंग का ठेका गुरमेल सिंह विर्क को 21 जून 2023 से 20 जून 2028 तक 69.98 लाख रुपये सालाना की बिड पर दिया गया था। निगम के अनुसार, ठेकेदार ने 10 अगस्त 2025 से किस्तें जमा नहीं कराईं। 10 अगस्त 2025 से 9 अक्टूबर 2026 तक 97,79,588 रुपये बकाया हैं।

कई नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। ठेकेदार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 तय थी। एजेंडे के मुताबिक अदालत ने स्टे आर्डर जारी नहीं किया है। निगम ठेका रद्द कर 17.42 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने का प्रस्ताव रखेगा।

सब्जी मंडी रोड को करीब 80 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव है। अभी इसकी चौड़ाई करीब 50 फीट है। बाल्मीकि चौक से सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए टिप्पर स्टैंड की चारदीवारी 30 फीट पीछे करने और खर्च की मंजूरी मांगी जाएगी।

178 कर्मचारियों को इनसोर्स करने का प्रस्ताव

नगर निगम ने पंजाब सरकार के 26 अगस्त 2026 के नोटिफिकेशन और पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट 2026 के तहत कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराई थी।

इसके लिए गठित कमेटी ने 24 सितंबर को बैठक कर अलग-अलग विभागों से मिले हाजिरी, सेवा रिकॉर्ड और योग्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार की गई।

एजेंडे के मुताबिक, नॉन-हाजिरी श्रेणी में दर्ज 460 कर्मचारियों में से 178 को पात्र पाया गया है। इन्हें इनसोर्स करने की मंजूरी हाउस से मांगी जाएगी।

स्क्रीनिंग में कितने कर्मचारी पात्र मिले?

स्क्रीनिंग के दौरान दो श्रेणियों में कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच की गई।

श्रेणी कुल कर्मचारी पात्र अपात्र
हाजिरी वाली श्रेणी 44 33 11
नॉन-हाजिरी श्रेणी 460 178 268

नगर निगम के एजेंडे में वित्त एवं लेखा, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M), बागवानी, जनरल शाखा तथा जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग के पात्र कर्मचारियों को इनसोर्स करने का प्रस्ताव रखा गया है।

नियमित नौकरी और इनसोर्सिंग में क्या है अंतर?

इस मामले में कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनसोर्सिंग और नियमित सरकारी नौकरी एक जैसी व्यवस्था नहीं हैं।

इनसोर्सिंग के तहत कर्मचारी को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रखने के बजाय सीधे संबंधित सरकारी संस्था के अधीन संविदात्मक व्यवस्था में लाया जाता है। इससे कर्मचारियों को सेवा और वेतन संबंधी कुछ अधिक स्पष्ट अधिकार मिल सकते हैं।

पंजाब सरकार ने 2026 में आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदात्मक व्यवस्था में लाने के लिए कानून बनाया है। इसलिए 178 कर्मचारियों के मामले में प्रस्ताव को सीधे स्थायी सरकारी नौकरी या नियमितीकरण का आदेश समझना सही नहीं होगा।

कर्मचारियों के आंदोलन के बाद आगे बढ़ा मामला

बठिंडा नगर निगम के सफाई और सीवरेज कर्मचारी लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं। सितंबर 2026 में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और हड़ताल भी की थी।

कर्मचारी संगठनों ने मांग की थी कि नगर निगम का जनरल हाउस इस संबंध में प्रस्ताव पारित करे, ताकि प्रक्रिया आगे बढ़ सके। बाद में निगम की ओर से मांग को बैठक के एजेंडे में शामिल करने का भरोसा दिया गया था।

अब 178 कर्मचारियों को इनसोर्स करने का प्रस्ताव इसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पार्किंग ठेकेदार पर 97.79 लाख रुपये बकाया

नगर निगम की बैठक में कर्मचारियों के अलावा पार्किंग ठेके से जुड़ा मामला भी महत्वपूर्ण है। माल रोड और मल्टीलेवल कार पार्किंग का ठेका गुरमेल सिंह विर्क को 21 जून 2023 से 20 जून 2028 तक के लिए दिया गया था। इसकी सालाना बोली 69.98 लाख रुपये थी।

निगम के अनुसार, ठेकेदार ने 10 अगस्त 2025 से किस्तें जमा नहीं कराईं। 9 अक्टूबर 2026 तक कुल 97,79,588 रुपये बकाया हो चुके थे। कई नोटिस जारी होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ।

इस मामले में नगर निगम ठेका रद्द करने और 17.42 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने का प्रस्ताव भी रखेगा। ठेकेदार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

शहर के विकास से जुड़े 20 प्रस्ताव भी एजेंडे में

बैठक में बठिंडा के अलग-अलग वार्डों में विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव भी रखे गए हैं। इनमें सड़क, गलियों, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।

प्रमुख प्रस्तावों में:

  • मॉडल टाउन में शौचालय ब्लॉक की मरम्मत के लिए 9.90 लाख रुपये।

  • लाल सिंह बस्ती में इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने के लिए 44.48 लाख रुपये।

  • संजय नगर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 45.29 लाख रुपये।

  • AIIMS चौक पर AI कैमरा आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए 19.60 लाख रुपये।

इन प्रस्तावों पर भी जनरल हाउस की मंजूरी मांगी जाएगी।

कर्मचारियों को अब हाउस की मंजूरी का इंतजार

178 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह प्रस्ताव लंबे समय से चल रही मांग को आगे बढ़ाने वाला कदम है। हालांकि, अंतिम स्थिति नगर निगम हाउस की मंजूरी और आगे की सरकारी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि पात्र कर्मचारियों को सीधे संविदात्मक व्यवस्था में लाने की तैयारी है। इसे सभी कर्मचारियों के नियमितीकरण का अंतिम आदेश नहीं माना जा सकता।