हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत ने दूसरी महिला के दावे पर उठाए सवाल
देहरादून,02 नवंबर 2026 | उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत से जुड़ा विवाद अब पारिवारिक और संपत्ति के आरोपों को लेकर चर्चा में है। इस मामले में उनकी पत्नी दीप्ति रावत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। उन्होंने दूसरी महिला को हरक सिंह रावत की पत्नी बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि वह उनकी धर्मपत्नी हैं। यदि कोई दूसरी महिला यह दावा करती है, तो उसे अपने दावे के समर्थन में पूरे तथ्य पेश करने चाहिए।
दीप्ति रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी की जमीन या संपत्ति नहीं हड़पी है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों को लेकर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली भ्रामक खबरें जारी रहीं, तो वह न्यायालय का रुख करेंगी।
परिवार मानसिक पीड़ा झेल रहा
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत की धर्मपत्नी दीप्ति रावत पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जमीनी विवाद में उनके पति के साथ एक महिला का नाम जोड़कर हरक सिंह की पत्नी बताई जा रही है। दीप्ति ने कहा कि वे इस जमीनी विवाद से जुड़ी नहीं है तो दूसरी महिला को कैसे हरक सिंह की पत्नी बताकर संबोधित किया जा रहा है। दीप्ति ने कहा कि इस तरह के विवाद से उनके परिवार को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे मानसिक पीड़ा को झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कोर्ट की शरण लेंगी।
मीडिया को तथ्यों की पुष्टि करने की सलाह
दीप्ति रावत ने पत्रकारों से अपील की कि किसी महिला की पहचान और वैवाहिक संबंधों को लेकर खबर प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूर करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी दूसरी महिला को उनके पति की पत्नी बताने से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक पीड़ा पहुंच रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोशल मीडिया, समाचार पत्रों या टीवी चैनलों पर भ्रामक खबरें प्रसारित की गईं और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए अदालत जाएंगी।
क्या है हरक सिंह रावत से जुड़ा पूरा विवाद?
दरअसल, देहरादून के रहने वाले हरिओम सहगल ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत से जुड़ी महिला जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत पर संपत्ति के सौदे में धोखाधड़ी और बकाया रकम नहीं देने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2021 में उनकी इमारत का सौदा 56 लाख रुपये में हुआ था, लेकिन उन्हें केवल 12.80 लाख रुपये मिले। बाकी रकम के लिए दिए गए चेक बाउंस होने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने संपत्ति पर कब्जे, धमकी और मारपीट जैसे अन्य आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र जांच तथा कानूनी पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने जांच सौंपी, आरोप सही मिलने पर होगी कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलने के बाद देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसकी विस्तृत जांच एसपी सिटी को सौंपी है। पुलिस का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस विवाद के बीच दीप्ति रावत का बयान सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है। अब इस पूरे प्रकरण में संबंधित पक्षों के दस्तावेज, वैवाहिक दावों और संपत्ति विवाद से जुड़े तथ्यों की जांच अहम होगी।


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