मुख्यमंत्री की साफगोई या मज़बूरी

 " आलोक गौड़ "

" कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर,
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर। "

 
नई दिल्ली।  दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के तमाम दावे करने वाली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की साफगोई कहें या मज़बूरी। आखिरकार मंगलवार को कनॉट प्लेस, आईटीओ व अन्य इलाकों में हुए जलभराव के बाद उन्होंने मान लिया कि यह समस्या तो है ही, जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनकी सरकार की ओर से मानसून से निपटने के लिए की गई तैयारियों की वजह से अब जलभराव की स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रहती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी मंत्रिपरिषद के सहयोगी कपिल मिश्रा के साथ मंगलवार को आईटीओ में जलभराव की सूचना मिलने पर वहां का दौरा किया था। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने मानसून से पूर्व नालों की सफाई व जल निकासी व्यवस्था को मज़बूत करने के जो निर्देश दिए उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। तेज बारिश की वजह से कुछ इलाकों में जलभराव तो होता है। लेकिन थोड़े समय बाद ही जल की निकासी हो जाती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह भी कहना है कि पहले काफी समय तक लोगों को जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दावों की कलई कनॉट प्लेस, आईटीओ व अन्य स्थानों पर हुए जलभराव ने ही खोल दी है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पानी भर जाने की वजह से वहां के स्टाफ के साथ ही मरीज व उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस अस्पताल में घुटनों तक पानी भर गया था।
यमुनापार, अनधिकृत कालोनियों और झुग्गी बस्तियों की बात को छोड़ दें,  तो कनॉट प्लेस व दक्षिणी दिल्ली की पॉश कालोनियों के निवासियों को भी मंगलवार को जलभराव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार की सुबह बरसात के कारण सिविल लाइन इलाके में एक मकान की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे एक मां और उसके जवान बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।
दमकल विभाग के मुताबिक सिविल लाइन इलाके में राजनिवास के सामने प्लाट नं एक पर बने मकान की दीवार गिरने से 40 साल की मीरा और उसके 17 वर्षीय पुत्र गणपत की मृत्यु हो गई,  जबकि 35 साल के नन्हें व 19 साल के दशरथ गंभीर रूप से घायल हो गए। 
यह सही है कि दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने सारा ध्यान कनॉट प्लेस के मिंटो रोड़ ब्रिज के नीचे जलभराव न होने देने पर लगा रखा है। जिसकी वजह से वहां जलभराव की स्थिति गंभीर नहीं हुई है। लेकिन अन्य जगहों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बल्कि जहां पहले जलभराव नहीं होता था,  वहां भी यह समस्या पैदा हो गई है। यहां तक कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के गृह क्षेत्र शालीमार बाग में भी पहली बार जलभराव हुआ है।
यह बात सही है कि जलभराव
 की समस्या से रातों रात नहीं निपटा जा सकता है, इसके लिए दीर्घकालिक योजना बना कर उस पर पूरी ईमानदारी से अमल करना होगा। इसके साथ ही नालों की सफाई के नाम पर हर साल होने वाले करोड़ों रुपए के घोटाले को रोकने के उपाय भी करने होंगे, तभी दिल्ली को बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निजात मिल पाएगी। वरना तो यह समस्या ऐसे ही बनी रहेगी और लोग परेशान होते रहेंगे।