‘NEET अब नेशनल ट्रॉमा एजेंसी बन चुका है’, जयराम रमेश का मोदी सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली, 22 मई 2026 । कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “NEET अब नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट नहीं, बल्कि नेशनल ट्रॉमा एजेंसी बन चुका है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी बृहस्पतिवार को संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के सामने पेश हुए थे। सूत्रों के अनुसार, जब समिति के कई सदस्यों ने सवाल किया कि नीट-यूजी परीक्षा का पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने उन्हें बताया कि परीक्षा का कोई पेपर उनके सिस्टम के माध्यम से लीक नहीं हुआ। रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "2018 में एनटीए के गठन के बाद से मोदी सरकार और उसका तंत्र एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी की सच्चाई को दबाने के लिए पेपर लीक माफिया के साथ मिलीभगत कर रहा है।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव ने लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को तनाव में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने में विफल रही है।
हाल के वर्षों में NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्था, रिजल्ट विवाद और छात्रों के मानसिक तनाव जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में सुधार की जरूरत है ताकि छात्रों को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल मिल सके।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को अवसर देना होना चाहिए, न कि उन्हें मानसिक दबाव और अनिश्चितता में धकेलना। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी NEET को लेकर बहस छिड़ गई और कई छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।
वहीं भारतीय जनता पार्टी और सरकार समर्थकों ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है। उनका कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसमें हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए हिस्सा लेते हैं। ऐसे में परीक्षा को लेकर उठने वाले सवाल शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


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