गोल्ड मेडल जीतने वाली छात्रा की मौत से उठे गंभीर सवाल
इस्लामाबाद, 12 अक्टूबर 2026 । पाकिस्तान में फिजिक्स में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली युवा छात्रा लाइबा इजाज की मौत ने शिक्षा और वीजा के नाम पर होने वाली कथित धोखाधड़ी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाइबा अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आगे की पढ़ाई करना चाहती थीं। उनका सपना वैज्ञानिक बनने का था, लेकिन परिवार का आरोप है कि विदेश में दाखिले, स्कॉलरशिप और वीजा दिलाने का वादा करने वाले लोगों ने उनके साथ धोखाधड़ी की।
लाइबा का शव 9 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के G-10 सेक्टर में मिला था। उनकी मौत के मामले में पुलिस और फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) जांच कर रही हैं।
वह अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहती थीं। परिवार का आरोप है कि एडमिशन, स्कॉलरशिप और अमेरिकी वीजा दिलाने का वादा करने वाले एक व्यक्ति ने उनसे पैसे लिए और फर्जी दस्तावेज दे दिए।
9 अक्टूबर को इस्लामाबाद के जी-10 सेक्टर के एक बाजार में लैबा का शव मिला। मामले में पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
उनके पिता 1994 से इस्लामाबाद की सड़कों पर दूध और दही बेचकर परिवार चलाते हैं। बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने घर बनाने के मकसद से खरीदी जमीन बेच दी। उनकी मां ने भी अपने गहने गिरवी रख दिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैबा को सऊदी अरब में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली थी, लेकिन उन्होंने अमेरिका में पढ़ने के अपने सपने को प्राथमिकता दी।
एडमिशन और वीजा दिलाने का वादा करके लिए 93 लाख रुपए
परिवार ने मोहम्मद नौमान नाम के व्यक्ति से संपर्क किया था। उसने खुद को विदेशी शिक्षा से जुड़ा कंसल्टेंट बताया और हार्वर्ड में एडमिशन, स्कॉलरशिप और अमेरिकी वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
परिवार का आरोप है कि नौमान ने इसके बदले 93 लाख पाकिस्तानी रुपए लिए। उसने यूनिवर्सिटी में एडमिशन और फीस जमा होने से जुड़े दस्तावेज भी दिए, लेकिन बाद में उनकी पुष्टि नहीं हो सकी।
पाकिस्तान की FIA के मुताबिक, इस रकम में से 29 लाख रुपए लैबा के बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किए गए थे, जबकि बाकी पैसे नकद दिए गए थे।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दिए जांच के निर्देश
लाइबा की मौत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को जांच तेज करने तथा आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस और FIA कथित धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों, पैसों के लेन-देन और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।
11 और 12 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों की जांच का उद्देश्य कथित फर्जी दस्तावेजों और परिवार से पैसे लेने के आरोपों की पड़ताल करना है।


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