राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट की 5 दिवसीय यात्रा

राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट की 5 दिवसीय यात्रा

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर 2026 । पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट 16 अक्टूबर से पांच दिवसीय राज्यव्यापी यात्रा पर निकलेंगे। यह यात्रा 20 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान वह गैंगस्टर हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का संदेश देंगे।

यह यात्रा राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले हो रही है। कांग्रेस का जोर कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाने के साथ-साथ जनता से सीधा संवाद स्थापित करने पर है। पार्टी इस अभियान के जरिए उन परिवारों की आवाज सामने लाना चाहती है, जो हिंसा की घटनाओं के बाद न्याय और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

20 अक्टूबर तक चलेगी यात्रा

कार्यक्रम के अनुसार AICC के महासचिव और पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट 16 अक्टूबर यानी शुक्रवा से यात्रा की शुरुआत करेंगे। वह 20 अक्टूबर 2026 तक पंजाब में पांच दिवसीय यात्रा करेंगे। इस दौरान वे उन परिवारों से मुलाकात करेंगे। जिन्होंने राज्य में गैंगस्टरों की हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण अपने परिजनों को खो दिया है। यह यात्रा मोगा, बठिंडा, मानसा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर सहित कई जिलों से होकर गुजरेगी।

भगवंत मान सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरेगी कांग्रेस

पंजाब में गैंगस्टर हिंसा और संगठित अपराध को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधी गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम रही है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और प्रत्येक मामले की जांच की वास्तविक स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

पायलट की यात्रा के दौरान पीड़ित परिवारों की शिकायतों को सुनकर कांग्रेस उन्हें सार्वजनिक मंच पर उठाने की कोशिश करेगी। पार्टी का कहना है कि कानून-व्यवस्था का सवाल केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें न्याय मिलने की प्रक्रिया में ठोस प्रगति भी दिखनी चाहिए।

इस मुद्दे पर कांग्रेस की रणनीति यह है कि राज्य सरकार के सामने व्यक्तिगत मामलों और परिवारों की शिकायतों के आधार पर सवाल रखे जाएं। इससे अभियान को जमीनी मुद्दों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

राहुल गांधी के दौरे से पहले क्यों अहम है यह यात्रा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पंजाब दौरा भी प्रस्तावित है। इससे पहले सचिन पायलट की यात्रा को पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पायलट पहले ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर संगठन को एकजुट करने और चुनावी तैयारियों पर चर्चा कर चुके हैं।

पार्टी के लिए चुनौती यह है कि नेताओं के बीच एकजुटता के संदेश को जमीनी स्तर पर सक्रियता में बदला जाए। पीड़ित परिवारों से मुलाकात, स्थानीय मुद्दों पर संवाद और राज्य सरकार की जवाबदेही की मांग इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे का अंतिम कार्यक्रम और यात्रा का पूरा स्वरूप अलग से स्पष्ट होना बाकी है। इसलिए पायलट की यात्रा को राहुल गांधी के कार्यक्रम का निश्चित हिस्सा मानने के बजाय, उसे उससे पहले कांग्रेस की स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखना उचित होगा।

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था, रोजगार, नशे की समस्या और शासन से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के अभियान में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कांग्रेस की यह यात्रा खास तौर पर गैंगस्टर हिंसा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने लाने पर केंद्रित है।

यात्रा का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि मुलाकातों के बाद पार्टी शिकायतों को किस तरह आगे बढ़ाती है और क्या संबंधित मामलों में जांच, गिरफ्तारी या न्यायिक प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस पहल सामने आती है। फिलहाल, सचिन पायलट की पांच दिवसीय यात्रा पंजाब में कांग्रेस के अभियान को गति देने और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरने की कोशिश है।