“बाघों की मौत बेहद गंभीर मामला, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” — वन मंत्री का बड़ा बयान

“बाघों की मौत बेहद गंभीर मामला, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” — वन मंत्री का बड़ा बयान

हरिद्वार, 21 मई 2026 । देश में लगातार सामने आ रही बाघों की मौत की घटनाओं को लेकर वन विभाग और सरकार गंभीर नजर आ रही है। वन मंत्री ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि बाघों की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसमें लापरवाही या अवैध गतिविधियों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के बयान के बाद वन विभाग ने जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

जांच में सामने आया कि दोनों बाघों के चारों पैर कटे हुए थे, हालांकि उनकी खाल और दांत सुरक्षित मिले। घटनास्थल के पास एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि बाघिन ने वन गुज्जरों की भैंस का शिकार किया था। इसके बाद भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़क दिया गया, जिसे खाने से दोनों बाघों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार आरोपी रात के अंधेरे में बाघों की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग ने दबिश देकर एक आरोपी को पकड़ लिया।

वन मंत्री ने कहा कि बाघ केवल वन्यजीव नहीं बल्कि देश की जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संरक्षित क्षेत्र में बाघों की संदिग्ध मौत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। विभाग हर मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कराएगा ताकि असली कारण सामने आ सके।

सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में कई राज्यों से बाघों की मौत की खबरें सामने आई हैं। कुछ मामलों में प्राकृतिक कारण बताए गए हैं, जबकि कुछ घटनाओं में शिकार, जहर या आपसी संघर्ष जैसी आशंकाएं भी जताई गई हैं। इसके बाद वन विभाग ने कई संरक्षित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

वन अधिकारियों को जंगलों में गश्त तेज करने, कैमरा ट्रैप निगरानी मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वन्यजीव तस्करी और शिकार से जुड़े नेटवर्क पर भी एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। सरकार का कहना है कि बाघ संरक्षण योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की सुरक्षा केवल जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी हुई है। तेजी से बढ़ते मानव हस्तक्षेप, जंगलों की कटाई और अवैध शिकार वन्यजीवों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

बाघ संरक्षण को लेकर देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में लगातार हो रही मौतों ने पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि दोषियों की पहचान होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।