दिल्ली में आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि दोगुनी, अब हर महीने मिलेंगे ₹6 हजार
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर 2026 । दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। राजधानी की 6,690 आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन भत्ते को दोगुना कर दिया गया है। अब उन्हें हर महीने ₹3,000 की जगह ₹6,000 मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से आशा कार्यकर्ताओं को सीधे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
यह घोषणा आशा सम्मेलन-2026 और आशा सम्मान समारोह के दौरान की गई। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं। इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई अन्य पहलों की भी शुरुआत की गई।
नए पोर्टल की शुरुआत
त्यागराज स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में एलजी तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मिशन 'अनमोल' के विस्तार की शुरुआत की। वहीं, 6,690 आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन भत्ता 3 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया। कार्यक्रम में जीबी पंत अस्पताल में SOTTO के नए भवन का उद्घाटन और निजी नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन व रिन्यूअल के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया और नवरात्रि उत्सव के दौरान उनके लिए एक विशेष डांडिया कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा भी की।
दिल्ली में आशा कार्यकर्ता लंबे समय से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार ने उनके मासिक प्रोत्साहन को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करने का निर्णय लिया है।
सरकार के मुताबिक, यह फैसला आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का मुद्दा लंबे समय से लंबित था।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों तक पहुंचाती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और आम परिवारों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं। वे गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव के लिए परिवारों को जागरूक करने में मदद करती हैं।
इसके अलावा नवजात बच्चों और माताओं की देखभाल, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में भी उनकी भूमिका रहती है।
सरकार का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं को मजबूत करने से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हो सकती है।
नवजात बच्चों के लिए 63 बीमारियों की मुफ्त स्क्रीनिंग
आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी के साथ दिल्ली सरकार ने नवजात बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। ‘मिशन अनमोल’ का विस्तार करते हुए अब जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर नवजात बच्चों की 63 जन्मजात बीमारियों की मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी।
इस स्क्रीनिंग में गंभीर लेकिन उपचार योग्य आनुवंशिक, मेटाबॉलिक और जन्मजात विकारों की शुरुआती पहचान पर जोर दिया जाएगा। समय रहते बीमारी का पता चलने से बच्चों को जल्द उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार के अनुसार, दिल्ली में नवजात स्क्रीनिंग का कवरेज मौजूदा स्तर से बढ़ाकर करीब 2.5 लाख बच्चों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 75 हजार से ज्यादा नवजातों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 700 से अधिक बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
इस पहल का उद्देश्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान शुरुआती चरण में करना है, ताकि परिवारों को इलाज के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
SOTTO भवन और नर्सिंग होम पोर्टल भी शुरू
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जीबी पंत अस्पताल में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन यानी SOTTO के नए भवन का भी उद्घाटन किया गया। इसके जरिए अंग और ऊतक दान तथा प्रत्यारोपण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से समन्वित करने पर जोर रहेगा।
इसके साथ ही निजी नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल के लिए ऑनलाइन नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल भी शुरू किया गया है। इससे संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
आशा कार्यकर्ताओं के लिए क्यों अहम है फैसला?
मासिक प्रोत्साहन राशि में सीधे ₹3,000 की बढ़ोतरी आशा कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत है। सरकार का दावा है कि यह कदम उनके योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने में मदद करेगा।
दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य पहलों में आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नवजात स्क्रीनिंग, अंगदान-प्रत्यारोपण व्यवस्था और निजी नर्सिंग होम की डिजिटल व्यवस्था पर भी एक साथ जोर दिया गया है।


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