तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने BJP पर लगाया भारी जुर्माना — अवैध फ्लेक्स बोर्ड के लिए ₹20 लाख का दंड और FIR दर्ज
तिरुवनंतपुरम, 24 जनवरी 2026 । तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सिटी जिला कमेटी पर लगभग ₹20 लाख का जुर्माना लगाया, साथ ही पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई, क्योंकि पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले शहर में बिना अनुमति फ्लेक्स बोर्ड, बैनर और झंडे लगाए थे। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और कानून के उल्लंघन के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई का परिणाम है, जिसे शहर में सार्वजनिक मार्गों पर अड़चन और सुरक्षा जोखिम का कारण माना गया।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने भारतीय जनता पार्टी(BJP) पर 19.7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। ये जुर्माना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे के दौरान शहर में फुटपाथों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाने पर लगाया गया है। बोर्ड लगाने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक तिरुवनंतपुरम नगर निगम के सचिव की शिकायत के बाद कैंटोनमेंट पुलिस ने शुक्रवार देर रात BJP जिला अध्यक्ष करमना जयन के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दिसंबर में हुए नगर निगम चुनाव में तिरुवनंतपुरम में BJP ने 50 सीटें जीती थीं। इसके बाद 26 दिसंबर को BJP के वीवी राजेश को यहां का मेयर बनाया गया था। नगर निगम सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि फ्लेक्स बोर्ड और बैनर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों पर लगाए गए, जिससे पैदल आवागमन बाधित हुआ और केरल उच्च न्यायालय के पहले के निर्देशों का उल्लंघन हुआ। निगम ने पहले भी BJP नेताओं को इन अवैध बोर्डों को हटाने के आदेश जारी किये थे, लेकिन पार्टी ने उनका पालन नहीं किया। इसके बाद नगरपालिका ने जुर्माना लगाया और मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने BJP के जिला अध्यक्ष के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (किसी सार्वजनिक अधिकारी के आदेश का उल्लंघन) और धारा 285 (सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करना) सहित केरल पुलिस अधिनियम की धाराएँ शामिल हैं। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवैध रूप से लगाए गए बोर्डों ने जनता को असुविधा और जोखिम में डाला।
FIR में केरल हाइकोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप
FIR में केरल हाई कोर्ट के कई आदेशों और स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन का आरोप है। इसमें कहा गया कि BJP जिला समिति ने प्रधानमंत्री के दौरे के हिस्से के रूप में फुटपाथों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाए। इससे पालियम जंक्शन से पुलिमूडु जंक्शन तक जनता को असुविधा हुई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेशों की अवज्ञा) और 285 (सार्वजनिक रास्तों में खतरा, बाधा और जोखिम पैदा करना) और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(b) (जनता को बाधा, असुविधा और खतरा पैदा करना) के तहत दर्ज किया गया है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि BJP नेताओं को अवैध रूप से लगाए गए फ्लेक्स बोर्ड हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नगर निगम और उच्च न्यायालय के बीच यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर अवैध होर्डिंग और फ्लेक्स बोर्ड लगाने के मामलों में स्थानीय निकायों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सार्वजनिक नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला स्थानीय प्रशासनिक नियमों के अनुपालन, राजनीतिक दलों की गतिविधियों और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दों को केंद्र में लाता है। तिरुवनंतपुरम निगम की यह कार्रवाई बताती है कि चाहे किस भी राजनीतिक दल की बात हो, कानून और नियमों का पालन सभी पर बराबर लागू होता है।


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