अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, कांग्रेस की 470 सीटों पर फैसला करेंगे मतदाता

वॉशिंगटन,03 नवंबर 2026 | अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इन चुनावों में अमेरिकी मतदाता कांग्रेस के दोनों सदनों के भविष्य का फैसला करेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच हो रहे इन चुनावों को उनकी सरकार की नीतियों और कामकाज पर जनता की राय के रूप में भी देखा जा रहा है।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो गया। भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे सबसे पहले 8 राज्यों में पोलिंग बूथ खुले। इनमें कनेक्टिकट, इंडियाना, केंटकी, मेन, न्यू हैम्पशायर, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया शामिल हैं।

इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इसमें संसद की सीटों और कुछ राज्यों में गवर्नर के पदों के लिए मतदान होता है।

फिलहाल ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास संसद के दोनों सदनों में बहुमत है। अगर पार्टी इनमें से किसी एक सदन में भी बहुमत खो देती है, तो ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे से जुड़े कानून पास कराना मुश्किल हो जाएगा।

36 राज्यों में गवर्नर का चुनाव

कांग्रेस के अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी मतदान हो रहा है। राज्य विधानसभाओं, स्थानीय पदों और कई जनमत प्रस्तावों पर भी मतदाता अपनी राय दे रहे हैं। इस तरह चुनाव का असर केवल राष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्यों की नीतियों पर भी पड़ेगा।

58 मिलियन से ज्यादा मतदाता पहले ही कर चुके हैं मतदान

अमेरिका में इस बार शुरुआती मतदान में भी बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव दिवस से पहले 5.8 करोड़ से अधिक मतदाता अपना वोट डाल चुके थे। मतदान केंद्रों के खुलने और बंद होने का समय अलग-अलग राज्यों में अलग है। शुरुआती नतीजे मतदान केंद्र बंद होने के बाद आने शुरू होंगे।

ट्रंप की नीतियों पर जनता की राय का संकेत

मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति का पद दांव पर नहीं होता, लेकिन कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदलने से राष्ट्रपति के एजेंडे पर असर पड़ सकता है। अर्थव्यवस्था, महंगाई, आव्रजन, विदेश नीति और मतदान नियम जैसे मुद्दे इस चुनाव में चर्चा के केंद्र में हैं। करीबी मुकाबलों में अंतिम नतीजे आने में कई घंटे या दिन भी लग सकते हैं।