JNU यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल को राहत

JNU यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल को राहत

नई दिल्ली,03 नवंबर 2026 | जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल को राहत मिली है। मामले में उनके खिलाफ 5 नवंबर तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इस घटनाक्रम से सांसद को फिलहाल कानूनी राहत मिली है। मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच पर सबकी नजर बनी हुई है।

विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और कहा कि सुनवाई की अगली तारीख पांच नवंबर तक अकोइजम के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने जांच अधिकारी को भी अगली सुनवाई पर केस फाइल लेकर पेश होने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने कहा कि इनर मणिपुर के सांसद की याचिका पर उसी तारीख को विचार किया जाएगा।

5 नवंबर तक नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई

JNU यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल को मिली राहत के तहत 5 नवंबर तक उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले से उन्हें फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, इसका अर्थ मामले का खत्म होना नहीं है। आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के दौरान स्थिति स्पष्ट होगी।

JNU यौन उत्पीड़न मामले में क्या है विवाद?

यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। मामले में सामने आए आरोपों की जांच और कानूनी पहलुओं पर कार्रवाई जारी है। संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कांग्रेस सांसद को मिली अस्थायी कानूनी राहत

अंगोमचा बिमोल कांग्रेस के सांसद हैं। इस मामले में उन्हें मिली राहत के बाद अब अगली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। दंडात्मक कार्रवाई पर अस्थायी रोक को आरोपों से पूरी तरह बरी होना नहीं माना जा सकता। मामले का अंतिम नतीजा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

5 नवंबर की सुनवाई पर रहेगी नजर

अब इस मामले में 5 नवंबर की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की सुनवाई में अदालत का रुख और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर अगला घटनाक्रम तय होगा। फिलहाल सांसद को मिली राहत के बाद मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर ध्यान आकर्षित किया है।