सीमापुरी में 25 साल पुरानी इमारत बनी काल, कूड़ा-प्लास्टिक बीनने वाले रहते थे परिवार
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर 2026 । दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में इमारत गिरने का हादसा सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। करीब 20 से 25 साल पुरानी इस इमारत में कई परिवार रह रहे थे। स्थानीय जानकारी और नगर निगम के मुताबिक, यहां रहने वालों में कूड़ा और प्लास्टिक बीनने वाले परिवार भी शामिल थे। बुधवार को इमारत अचानक ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए। हादसे में एक गर्भवती महिला और दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हुई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं।
करीब 25 गज के प्लॉट पर बनी थी इमारत
नगर निगम और पुलिस से सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे वाली इमारत बेहद छोटे प्लॉट पर बनी थी। रिपोर्टों में इसका क्षेत्रफल करीब 225 वर्ग फीट यानी लगभग 25 गज बताया गया है। इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी थी और हादसे के समय इसमें लोग रह रहे थे।
कुछ रिपोर्टों में इसे चार मंजिला और कुछ में पांच मंजिला बताया गया है। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया कि इमारत में नीचे दुकानें थीं, जबकि ऊपर के हिस्सों में परिवार और किरायेदार रहते थे।
MCD के स्थानीय स्तर पर किए गए पूछताछ के आधार पर बताया गया कि इलाके में कूड़ा बीनने वाले परिवार मौजूद थे। कुछ लोग प्लास्टिक और दूसरी उपयोगी सामग्री इकट्ठा करने का काम करते थे और हादसे के समय भी कुछ लोग इसी काम में लगे हुए थे। इमारत गिरने के बाद कई लोग मलबे की चपेट में आ गए।
इस घटना ने राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले कमजोर आर्थिक वर्ग के परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
गर्भवती महिला और दो बच्चों की मौत
हादसे में तीन लोगों की जान गई। मृतकों में एक चार महीने की गर्भवती महिला और दो बच्चे शामिल बताए गए हैं। वहीं आठ घायलों को उपचार के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया। बचाव अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को मलबे से निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। राहत और बचाव दल ने काफी देर तक मलबे की तलाशी ली।
इमारत गिरने का असर आसपास के निर्माण पर भी पड़ा। MCD के अनुसार, बगल की इमारत की दीवारें भी गिर गईं। इसके अलावा पास की मस्जिद की चारदीवारी का एक हिस्सा भी ढह गया।
घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण बचाव दलों को मौके पर काम करने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग के साथ अन्य राहत एजेंसियों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई देने लगी थीं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि इमारत गिरने की मुख्य वजह भूकंप ही था।
हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच की जरूरत है। ऐसे मामलों में इमारत की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता, अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण और अन्य सुरक्षा पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
दिल्ली में पुरानी और कमजोर इमारतों पर फिर उठे सवाल
सीमापुरी हादसे ने दिल्ली के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में मौजूद इमारतों की सुरक्षा पर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। छोटे प्लॉट पर बनी बहुमंजिला इमारतों में बड़ी संख्या में परिवारों का रहना जोखिम को और बढ़ा सकता है।
खासकर ऐसे परिवार जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और किराये या असुरक्षित आवास पर निर्भर हैं, उनके लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। सीमापुरी की घटना के बाद संबंधित एजेंसियों की ओर से आसपास की पुरानी और कमजोर इमारतों की स्थिति की समीक्षा किए जाने की जरूरत भी सामने आई है।


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