दिल्ली में मिलावट पर कार्रवाई: 4,000 किलो खराब खाद्य सामग्री नष्ट, 85 सैंपल अनसेफ

दिल्ली में मिलावट पर कार्रवाई: 4,000 किलो खराब खाद्य सामग्री नष्ट, 85 सैंपल अनसेफ

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026 | दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो महीने में 4,000 किलो से ज्यादा खराब खाद्य सामग्री नष्ट; हर तीन में से एक सैंपल जांच में फेल

त्योहारों के सीजन में मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच दिल्ली सरकार ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो महीनों में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 30 प्रवर्तन अभियान चलाए। इस दौरान जांच के लिए खाद्य पदार्थों के 290 नमूने लिए गए, जिनमें से 85 अनसेफ या निर्धारित गुणवत्ता मानकों से कम पाए गए। कार्रवाई के दौरान 4,000 किलो से अधिक खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।

मामले में क्या बोले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री

वहीं, अलग-अलग अभियानों के दौरान 4,000 किलोग्राम से अधिक खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री नष्ट की गई। घी, पनीर, खोया और मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि त्योहारों के दौरान दिल्ली के नागरिकों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग को हर स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

खोया, पनीर और मिठाइयों पर विशेष नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले घी, पनीर, खोया और मिठाइयों की जांच पर विशेष ध्यान दिया। इसके लिए मोरी गेट खोया मंडी, ओखला और जनकपुरी सहित कई संवेदनशील इलाकों और थोक बाजारों में बार-बार निरीक्षण किया गया।

विभाग की टीमें दुकानों, गोदामों और खाद्य निर्माण इकाइयों में पहुंचकर उत्पादों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और भंडारण की स्थिति की जांच कर रही हैं। 

निहाल विहार में बिना लाइसेंस चल रही मिठाई इकाइयों पर छापा

हाल ही में निहाल विहार में बिना लाइसेंस मिठाई बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ छापेमारी की गई। यहां 12 स्थानों की पहचान की गई और करीब 400 किलो तैयार मिठाइयां नष्ट कराई गईं। जांच के लिए 14 नमूने भी एकत्र किए गए।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी इकाइयों पर रोक लगाना है, जहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन किए बिना मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। 

ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में

खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी अब केवल बाजारों और दुकानों तक सीमित नहीं है। स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, अमेजन और रिलायंस जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े डार्क स्टोरों का भी निरीक्षण किया गया है।

इसके अलावा यूट्यूब और इंस्टाग्राम के जरिए खाद्य पदार्थ बेचने वाले थोक विक्रेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, क्लब, खुदरा दुकानों और अस्पतालों की रसोई में भी खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजाम जांचे गए।

नवरात्रि के दौरान विभाग ने व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की विशेष जांच की। इसमें कुट्टू का आटा, समा के चावल, सिंघाड़े का आटा और साबूदाना शामिल रहे।

एक अलग अभियान में सात बेकरी निर्माण और बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया गया। यहां से 10 नमूने लिए गए। साफ-सफाई और नियमों के पालन में कमियां मिलने पर दो प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस देने की सिफारिश की गई। 

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त निगरानी के निर्देश

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग को निर्माण इकाइयों से लेकर थोक बाजारों, खुदरा दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों को भी निर्धारित स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपभोक्ता भी रखें सावधानी

त्योहारों में मिठाई, पनीर, खोया और घी खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बिना लाइसेंस वाली दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदने से बचें। पैक उत्पादों पर निर्माण और समाप्ति की तारीख जरूर देखें। खाद्य पदार्थों की गंध, रंग या बनावट संदिग्ध लगे तो उनका इस्तेमाल न करें।

दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई बताती है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाई गई है। आने वाले दिनों में भी छापेमारी और जांच अभियान जारी रहने की संभावना है।