उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा का विस्तार

उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा का विस्तार

देहरादून, 13 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में पिछले पांच वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। इससे राज्य में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं और सरकारी चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को मजबूती मिली है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थानों के विस्तार के साथ राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है। वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में भी 900 सीटें उपलब्ध बताई गई हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों का विस्तार

उत्तराखंड में पहले से संचालित सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ नए संस्थानों ने चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाई है। सरकारी विभाग की उपलब्ध सूची में श्रीनगर, हल्द्वानी और देहरादून के मेडिकल कॉलेजों के अलावा अल्मोड़ा और हरिद्वार के संस्थान भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की कुल सीटें 675 तक पहुंची हैं। इसके अतिरिक्त निजी मेडिकल कॉलेजों में 900 सीटों का उल्लेख किया गया है। सीटों की संख्या में वृद्धि से अधिक विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का अवसर मिल सकता है, लेकिन प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG), काउंसलिंग और संबंधित संस्थानों के नियामकीय मानदंड लागू रहते हैं।

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हरिद्वार के लिए एक और अहम पहल सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने शहर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी दी है। उत्तराखंड सरकार की सूचना के अनुसार, इस संस्थान में प्रत्येक बैच में 50 MBBS विद्यार्थियों को प्रवेश देने की योजना है। कॉलेज को मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे और संसाधनों का इस्तेमाल करके शुरू किया जाएगा।

यह पहल चिकित्सा शिक्षा के साथ अस्पताल सेवाओं के विस्तार में भी सहायक हो सकती है। हालांकि, इस ESIC मेडिकल कॉलेज को पहले से संचालित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों से अलग समझना जरूरी है; इसकी स्वीकृति और वास्तविक संचालन की स्थिति के आधार पर ही इसे राज्य की कुल सीटों में शामिल किया जाना चाहिए। 

हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य

राज्य सरकार का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की परिकल्पना से पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर करने की उम्मीद है।

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष चुनौतियां पेश करती हैं। कई पहाड़ी इलाकों में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों और बड़े अस्पतालों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों के प्रशिक्षण, अस्पतालों में इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने में योगदान दे सकता है। लेकिन इसके लिए पर्याप्त फैकल्टी, नर्सिंग स्टाफ, जांच सुविधाएं और अस्पतालों का प्रभावी संचालन भी जरूरी होगा।

मेडिकल कॉलेज खोलना स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसकी सफलता केवल भवन या MBBS सीटों की संख्या से तय नहीं होती। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अनुभवी शिक्षक, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पर्याप्त मरीजों वाला संबद्ध अस्पताल और व्यावहारिक प्रशिक्षण आवश्यक हैं।

इसी तरह, राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह भी जरूरी है कि प्रशिक्षित चिकित्सक सरकारी अस्पतालों और दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित हों। यदि मेडिकल शिक्षा का विस्तार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ता है, तो इसका लाभ विद्यार्थियों के साथ आम नागरिकों को भी मिल सकता है।

उत्तराखंड में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत और MBBS सीटों में बढ़ोतरी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम घटनाक्रम हैं। हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की मंजूरी भी इस क्षेत्र में अतिरिक्त अवसर पैदा कर सकती है। अब राज्य के सामने इन संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, पर्याप्त डॉक्टर और शिक्षक उपलब्ध कराने तथा पहाड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की चुनौती है। इन मोर्चों पर निरंतर प्रगति उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत केंद्र बनाने में मदद कर सकती है।