पंजाब कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी, परगट सिंह के सामने राजा वड़िंग ने खड़ी की चुनौती

पंजाब कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी, परगट सिंह के सामने राजा वड़िंग ने खड़ी की चुनौती

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर 2026 । पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के सामने संगठन को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की हालिया गतिविधियों ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान ने नेतृत्व में बदलाव करते हुए परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन इस बदलाव के बाद पार्टी के अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन बनाना नए अध्यक्ष के लिए अहम चुनौती बना हुआ है।

राजा वडिंग ने दिखाई ताकत

दिल्ली में वडिंग ने पंजाब कांग्रेस नेतृत्व के साथ शामिल होने के बजाय अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई। इसमें कुछ जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक भी शामिल हुए। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट तक आयोजित 'लोकतंत्र के लिए मार्च' में शामिल होने से पहले हुई। इस मार्च में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई सांसद और नेता शामिल हुए, जिन्होंने कथित वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका से जुड़े मुद्दों को उठाया। इससे एक दिन पहले भी वडिंग ने परगट सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से पहले अपने आवास पर समर्थकों के साथ बैठक कर अपनी ताकत दिखाई थी। इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि वडिंग पार्टी में अपने विरोधियों के सामने झुकने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहते हैं।

अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी जारी है नाराजगी

कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनसे पहले इस पद पर राजा वड़िंग थे। नेतृत्व परिवर्तन के बाद वड़िंग ने संकेत दिया था कि इस फैसले के पीछे पार्टी के अंदरूनी समीकरणों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का जिक्र करते हुए कहा था कि चन्नी साहब जीत गए।

वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। हालिया बयान में उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा हो, लेकिन वह कांग्रेस के लिए संघर्ष करते रहेंगे। उनके बयानों से साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद भी पंजाब कांग्रेस की राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।

परगट सिंह के सामने सभी गुटों को साथ रखने की चुनौती

पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को कांग्रेस ने ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, जब पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच मतभेद चर्चा में हैं। परगट सिंह जालंधर कैंट से विधायक रहे हैं और चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

नए अध्यक्ष के सामने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बनाना और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में सक्रिय करना प्रमुख काम हैं। परगट सिंह ने पहले भी पार्टी को एक टीम के रूप में काम करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की बात कही है। हालांकि, इन प्रयासों का असर संगठन के भीतर कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। 

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। पार्टी को उम्मीदवारों के चयन, संगठन में जिम्मेदारियों के बंटवारे और चुनावी रणनीति पर काम करना है। इसी बीच राजा वड़िंग के समर्थकों के साथ बैठक को लेकर ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि वह आगामी चुनाव में अपने समर्थकों की राजनीतिक भूमिका और टिकटों को लेकर भी सक्रिय रह सकते हैं।

हालांकि, टिकट वितरण पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान और पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वड़िंग और परगट सिंह के बीच मतभेद किस दिशा में आगे बढ़ेंगे। लेकिन पार्टी के लिए यह जरूरी होगा कि आंतरिक प्रतिस्पर्धा चुनावी तैयारियों और संगठन के कामकाज पर हावी न हो।

परगट सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। राजा वड़िंग ने भी परगट सिंह से मुलाकात की थी और सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के साथ बने रहने की बात कही है। इसके बावजूद हालिया बैठकों और बयानों ने यह संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।

आने वाले महीनों में पंजाब कांग्रेस की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं को किस तरह साथ लेकर चलता है और संगठन को जमीनी स्तर पर कितना मजबूत कर पाता है। फिलहाल परगट सिंह के सामने दोहरी चुनौती है—पार्टी में समन्वय बनाए रखना और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना।