राम कुमार सिंह मर्डर केस का मेन शूटर पवन यादव गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
आरा, 06 नवंबर 2026 | बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित राम कुमार सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर पवन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की सुबह बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के पास पुलिस और आरोपी के बीच गोलीबारी हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पवन यादव के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है।
आरा में एनकाउंटर
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी। घायल शूटर की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग निवासी निर्मल यादव के 22 वर्षीय पुत्र पवन यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामकुमार सिंह हत्याकांड का शूटर पवन यादव पटना भागने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करके उसको दबोच लिया।
हथियार बरामद कराने ले गई थी पुलिस
भोजपुर पुलिस के मुताबिक, पवन यादव से पूछताछ के दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार छिपाने की जगह की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर हथियार बरामद करने पहुंची। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने उसे गोली चलाने से रोकने के लिए चेतावनी दी। इसके बावजूद फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोली चलाई। इसमें पवन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़कर अस्पताल पहुंचाया।
22 साल का है मुख्य शूटर पवन यादव
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी की पहचान 22 वर्षीय पवन यादव के रूप में हुई है। वह नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग इलाके का निवासी है और उसके पिता का नाम निर्मल यादव बताया गया है।
भोजपुर के एसपी अवधेश दीक्षित ने मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि पवन यादव राम कुमार सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर वारदात में शामिल अन्य आरोपियों और हथियारों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
15 अक्टूबर को हुई थी राम कुमार सिंह की हत्या
राम कुमार सिंह कस्टम विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6 बजे आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सुबह टहलने निकले थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई थी। जांच में जमीन विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया। पुलिस के अनुसार, भोजपुर के सिंगही इलाके में करीब 14 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
सात लाख रुपये में दी गई थी हत्या की सुपारी
भोजपुर पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, राम कुमार सिंह की हत्या के लिए करीब सात लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। हथियार और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए दो लाख रुपये की पहली किस्त दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मनोज कुमार सिंह उर्फ लक्की, चंदन सिंह, अभिषेक कुमार, टीपू और शूटर पिंटू कुमार के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पिंटू कुमार को कोईलवर इलाके से पकड़ा गया था।
जमीन विवाद के एंगल से भी जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, विवादित जमीन वर्ष 2006 से राम कुमार सिंह के बेटे के नाम पर थी और वर्ष 2020 में उसकी घेराबंदी भी कराई गई थी। जांच में सामने आया कि दूसरे पक्ष ने वर्ष 2025 में पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री अलग-अलग लोगों के नाम कराई और म्यूटेशन भी कराया।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि जमीन पर पहले से कब्जा होने के बावजूद रजिस्ट्री और म्यूटेशन किस आधार पर किए गए। पवन यादव से पूछताछ के आधार पर अन्य शूटरों और साजिश में शामिल लोगों की तलाश जारी है।
पवन यादव की गिरफ्तारी को राम कुमार सिंह हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस उससे हत्या में इस्तेमाल हथियार, सुपारी की रकम और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में पूछताछ कर रही है। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है और मामले की आगे की जांच जारी है।


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