पंजाब में झोटा हत्याकांड के बाद तनाव, राजस्थान से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मानसा, 14 अक्टूबर 2026 । पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मामले में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किए जाने के बाद मानसा में प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। इसी दौरान आक्रोशित लोगों की भीड़ ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।पंजाब में झोटा हत्याकांड के बाद तनाव, राजस्थान से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने आरोपी अश्विनी कुमार के घर और दुकान में अवैध बताए जा रहे निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण से संबंधित मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई,
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मानसा प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी अश्विनी कुमार से जुड़ी संपत्ति पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह कार्रवाई परविंदर झोटा की हत्या के बाद फैले आक्रोश और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बीच हुई।
वहीं, आरोपी के मेडिकल स्टोर को भी निशाना बनाया गया। गुस्साए लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। इस घटनाक्रम के कारण इलाके में तनाव बढ़ गया और प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहना पड़ा।
क्या है परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते थे। रिपोर्टों के अनुसार, 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर कथित रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर उनका दुकान संचालक अश्विनी कुमार से विवाद हुआ था। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई।
घटना के समय झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे। सामने आई रिपोर्टों में बताया गया कि गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने तलाश अभियान चलाकर उसे राजस्थान से गिरफ्तार किया। मामले में आरोपी के एक रिश्तेदार को भी कथित तौर पर मदद करने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था।
झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने जांच CBI को सौंपने और मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी की है। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
परविंदर झोटा हत्याकांड के बाद मानसा में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ हत्या के मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी है, वहीं दूसरी ओर हिंसा और आगजनी की घटनाओं को रोककर शांति बनाए रखना भी जरूरी है।
आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों, संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई के कानूनी आधार और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। हत्या के मामले में आरोपी की दोषसिद्धि अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही तय होगी।


RashtriyaPravakta