दिल्ली पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां क्या प्रदेश भाजपा के अधीन हैं!

" आलोक गौड़ "

कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर,
ना काहू से अपनी दोस्ती, ना काहू से बैर।

नई दिल्ली। ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा अचानक से प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के आधीन आ गई हैं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कथित क्लास रूम घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से की जा रही जांच और उसी सिलसिले में पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाए पर टिप्पणी करते हुए यह ऐलान कर देते कि ने केवल सिसोदिया, सत्येंद्र जैन व आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को भी दिल्ली पुलिस जेल गिरफ्तार कर जेल भेज देगी।
दरअसल दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी नीत रेखा सरकार ने अस्तित्व में आने के बाद से ही पूर्ववर्ती आम आदमी सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटाले व भ्रष्टाचार की जांच कराने की मुहिम छेड़ दी है। जिसके तहत न केवल विधानसभा सत्र के दौरान महालेखा परीक्षक एवं नियंत्रक की पुरानी रिपोर्ट सदन में पेश करने के साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भी जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कथित क्लास रूम घोटाले की जांच के संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जिस पर टिप्पणी करते हुए विधानसभा में प्रतिपक्ष की नेता आतिशी मार्लेना ने केंद्र व दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 10 साल के दौरान केंद्र सरकार के इशारे पर केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय व दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के खिलाफ 200 से भी ज्यादा मामले दर्ज कर जांच शुरू की थी। लेकिन अदालत में एक भी मामले में आरोप साबित नहीं हो पाए। इसके साथ ही आतिशी ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की थी कि केंद्रीय जांच ब्यूरो पिंजरे में बंद तोते के समान है, जो केवल केंद्र सरकार के कहने पर ही अपनी चोंच खोलता है।
आतिशी के इन आरोपों का जबाव दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने नहीं दिया। बल्कि यह बीड़ा प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उठाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो क्लास रूम घोटाले की जांच कर रहा है। उनके मुताबिक आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में बनाए गए टॉयलेट और वरांडे को कमरे बता कर ठेकेदार को भुगतान कर दिया। उन्होंने सीना ठोक कर यह एलान भी कर दिया कि इस घोटाले के संबंध में दिल्ली पुलिस जल्द ही मनीष सिसोदिया व अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज देगी।
उनके इस प्रकार के व्यक्तव्य देने से तो ऐसा ही लगता है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और दिल्ली पुलिस दोनों का ही नियंत्रण प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के हाथ में आ गया है। जिसकी वजह से प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता को जेल भिजवा सकते हैं।
अब जरा एक नजर कथित क्लास रूम घोटाले की जांच के समय पर भी डाल लेते हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी नीत रेखा गुप्ता सरकार के अस्तित्व में 
आई है उसके बाद से ही निजी स्कूल (पब्लिक स्कूल) के संचालकों की और से छात्रों को प्रताड़ित करने और उनके अभिभावकों का उत्पीड़न करने की घटनाएं काफी बढ़ गईं हैं। इतना ही नहीं निजी स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी करने के साथ ही फीस अदा न करने वाले छात्रों को बंधक बनाने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है।
इससे लोगों में उपजे आक्रोश को कम करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली स्कूल फीस (फीस निर्धारण पारदर्शिता नियमन) विधेयक बनाने और उसे पारित कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा भी कर दी थी। मगर बाद में उन्होंने अपनी पार्टी और निजी स्कूलों के संचालकों के दबाव में आ कर विधानसभा का सत्र बुलाने का फैसला टाल दिया। उन्होंने अभिभावकों का आक्रोश कम करने के लिए आध्यादेश जारी कर दिया। हालांकि इस आध्यादेश को जारी करने से पहले न अभिभावकों को विश्वास में लिया गया और न ही उनकी राय को शामिल किया गया। आज तक भी रेखा गुप्ता सरकार ने इस आध्यादेश के प्रावधान के बारे में जनता को अंधेरे में रखा हुआ है। इतना ही नहीं 12 दिन बाद भी राष्ट्रपति ने इस आध्यादेश पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
बेहतर तो यह होता कि प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा आतिशी को मनीष सिसोदिया के लिए वकील का इंतजाम करने की सलाह और आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल भेजने की धमकी देने के बजाय अपनी पार्टी की मुख्यमंत्री को अभिभावकों को राहत देने की सलाह देते तो बेहतर होता।