महिमा रेखा गुप्ता के मायामहल की
" आलोक गौड़ "
कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर,
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फ्लैग स्टाफ स्थित सरकारी बंगले की साज़ सज्जा और अन्य सुविधाएं जुटाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाने को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। भारतीय जनता पार्टी इसे शीशमहल बताने के साथ ही इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रमक थी।
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सूचना के अधिकार से मांगी गई जानकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल के 2015 से 2022 तक की अवधि में उनके सरकारी निवास की साज सज्जा और रखरखाव पर हर साल औसतन 3. 69 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठने वाली रेखा गुप्ता ने विधानसभा में खम ठोक कर कहा था कि वह अपने निजी मकान में रहती हैं और भविष्य में वह केजरीवाल की तरह आलिशान बंगले में शान-ओ-शौकत से नहीं रहेंगी, बल्कि साधारण नागरिक की तरह रहेंगी। यह बात दीगर है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने लिए लुटियंस जोन में आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, मगर नियम कायदों की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाया।
बाद में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के आवास के लिए राजनिवास मार्ग पर दो आलिशान बंगले आबंटित किए गए। इनमें से एक बंगले में उनकी रिहायश रहेगी जबकि दूसरा बंगला उनके कैंप कार्यालय के रूप में इस्तेमाल होगा।
जिस बंगले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहेंगी उसमें बिजली चालित उपकरण व बिजली की व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने 60 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। मुख्यमंत्री के टाइप 7 के इस बंगले में चार बैडरूम, ड्राईंगरूम , बिजनेस हाल, एक कामन हाल, आगंतुकों के लिए विजिटर हाल, घरेलू काम करने वाले सहायक के लिए कमरे की व्यवस्था की गई। इन सभी में अटैच बाथरूम हैं। इसके अलावा किचन व टहलने के लिए लॉन भी।
इस बंगले में बिजली चालित उपकरण लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से जो टेंडर जारी किया गया है, उसके मुताबिक बंगले में 2 टन की क्षमता वाले 14 एयरकंडीशनर लगाए जाएंगे। इस काम के लिए 7.7 लाख रुपए की राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा 5 स्मार्ट टेलीविजन सेट लगाने लिए 9.3 लाख रुपए रखे गए हैं। फैंसी लाइट लगाने के लिए 6.3 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां 14 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, इस काम पर 5.33 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा 23 प्रीमियम क्वालिटी के सीलिंग फैन लगाने पर 1.8 लाख रुपए खर्च होंगे। जबकि बंगले में 24 घंटे निर्बाध बिजली की व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो भारी भरकम यूपीएस लगाए जाएंगे।
यह लिस्ट यहीं समाप्त नहीं होती, क्योंकि टेंडर के मुताबिक किचन में 85 हजार रुपए की लागत से ओटीजी (ओवन,टोस्टर व ग्रिल) लगाया जाएगा। इसी प्रकार किचन में डिश वॉशर लगाने पर 60 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। 63 हजार रुपए की लागत से गैस स्टोव खरीदा जाएगा। जबकि माइक्रोवेव की खरीद पर 32 हजार रुपए खर्च होंगे। 77 हजार रुपए की लागत से वाशिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। जबकि 6 गीजर लगाने पर 97 हजार रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही केवल बंगले की साज सज्जा पर 60 लाख रुपए खर्च किए जाने की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार बनने के बाद से यहां के नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री उन समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपने बंगले की सजावट करवाने में व्यस्त हैं।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर दिल्ली की राजनीति गरमाने के पूरे आसार हैं। क्योंकि जो भारतीय जनता पार्टी ने बोया है, वह तो उसी को काटना होगा।


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