साइबर ठगी पर लगेगी लगाम, लोगों को लगातार भेजे जाएंगे अलर्ट मैसेज
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर 2026 । देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड के बीच लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए लगातार जागरूकता संदेश भेजने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मोबाइल फोन पर SMS और दूसरे डिजिटल माध्यमों से लोगों को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP, बैंकिंग फ्रॉड और डिजिटल ठगी के नए तरीकों को लेकर अलर्ट किया जाएगा।
सरकार पहले से ही साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C की ओर से SMS, सोशल मीडिया, टीवी, रेडियो और दूसरे माध्यमों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाई जा रही है।
यह इवेंट दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 10 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 100 देशों के 1.5 लाख से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। इसमें 500 स्टार्टअप के साथ 400 से ज्यादा कंपनियां अपने इनोवेशन दिखाएंगी।
सैटेलाइट इंटरनेट से दूरदराज के इलाकों तक ऑनलाइन सुविधाएं पहुंचेंगी
स्टारलिंक में बिजनेस ऑपरेशन्स की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि भारत के 100% डिजिटल डेवलपमेंट के लिए हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सबसे जरूरी है।
अब सिर्फ इंटरनेट नहीं, AI इकोनॉमी पर फोकस
GSMA के डायरेक्टर जनरल विवेक बद्रीनाथ ने कहा कि अब भारत की डिजिटल नींव पूरी तरह तैयार है। इसलिए चर्चा सिर्फ इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ, अब सारा फोकस टेलीकॉम नेटवर्क को और स्मार्ट व पावरफुल बनाने पर होना चाहिए, ताकि देश में AI इकोनॉमी और नई तकनीकों को बढ़ावा मिले।
बैंकिंग फ्रॉड रोकने में AI की भी मदद
साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीक और AI का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। RBI के प्रस्तावित नए ढांचे में बैंकों को असामान्य और साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन की पहचान के लिए AI आधारित निगरानी प्रणाली इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।
इसका मकसद संदिग्ध ट्रांजैक्शन की पहचान जल्द करना और फ्रॉड होने की स्थिति में नुकसान को सीमित करना है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
लगातार अलर्ट मैसेज आने के बावजूद साइबर सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका खुद मोबाइल यूजर की होती है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
अगर कोई व्यक्ति बैंक, पुलिस, सरकारी विभाग या किसी कंपनी का अधिकारी बनकर OTP, PIN या बैंकिंग जानकारी मांगता है तो ऐसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। वित्तीय साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत संबंधित बैंक को सूचना देने और सरकारी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग सिस्टम के जरिए शिकायत करने से नुकसान सीमित करने में मदद मिल सकती है।


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